विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस: भागलपुर में निकली रैली, तनाव और डिप्रेशन से बचने का संदेश

भागलपुर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर एक बड़ी जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और समाज की गलतफहमियों को दूर करना था।
- भागलपुर सदर अस्पताल से शनिवार को निकाली गई जागरूकता रैली
- सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद खाखा ने दिखाई हरी झंडी
- सिविल सर्जन और डॉ. पंकज मनस्वी ने दी जरूरी सलाह
- एएनएम स्कूल की छात्राओं ने प्रस्तुत किया नुक्कड़ नाटक
रैली का मार्ग और उद्देश्य
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. आनंद खाखा ने हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। यह रैली अस्पताल परिसर से शुरू होकर कचहरी चौक, स्टेशन रोड, खलीफाबाग चौक और सुजागंज बाजार से होते हुए वापस सदर अस्पताल परिसर में आकर समाप्त हुई। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आम जनता को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और डिप्रेशन, तनाव व चिंता जैसी समस्याओं को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करना था। रैली के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां ले रखी थीं और वे लोगों को मानसिक स्वास्थ्य का महत्व समझा रहे थे।
विशेषज्ञों की सलाह
रैली के समापन पर सिविल सर्जन ने कहा, आज के समय में अच्छी नींद और संतुलित दिनचर्या मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। यदि लोग अपनी जीवनशैली को सही रखें, तो मानसिक अवसाद जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। डॉ पंकज मनस्वी ने कहा, भागदौड़ भरी जिंदगी में डिप्रेशन, अत्यधिक चिंता और घबराहट जैसी समस्याओं को नजरअंदाज बिल्कुल न करें। ऐसे कोई भी लक्षण दिखने पर बिना झिझक नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल की मानसिक स्वास्थ्य इकाई में डॉक्टरों से मिलें। सरकार इसके लिए मुफ्त टेली-मानस हेल्पलाइन (14416) भी चला रही है।
नुक्कड़ नाटक और उपस्थिति
जागरूकता अभियान के तहत सदर अस्पताल एएनएम स्कूल की छात्राओं ने अस्पताल परिसर में एक शानदार नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए छात्राओं ने दिखाया कि कैसे मानसिक बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को ताने मारने के बजाय डॉक्टरी और मनोवैज्ञानिक सलाह की जरूरत होती है। इस दौरान लोगों को बताया गया कि मानसिक बीमारी कोई पागलपन नहीं, बल्कि एक सामान्य बीमारी है जिसका इलाज पूरी तरह संभव है। इस जागरूकता अभियान में अस्पताल के प्रभारी चिकित्सक, कई चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।