जमुई: किउल नदी को स्वच्छ बनाने उतरे युवा, घाट से हटाया 1 टन कचरा, लगाए पौधे

जमुई के पतनेश्वर घाट पर 'विश्व नदी दिवस' के मौके पर युवाओं ने सफाई और वृक्षारोपण अभियान चलाया। यह कार्यक्रम 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले 'सेवा पखवाड़ा' का हिस्सा था।
मुख्य बातें:
- 'मेरा युवा भारत, जमुई' और 'साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई' के सदस्यों ने मिलकर अभियान चलाया।
- एक घंटे की मेहनत से नदी और घाट से 1 टन प्लास्टिक और पॉलिथीन कचरा हटाया गया।
- पतनेश्वर धाम परिसर में पेड़ लगाए गए और उनकी देखभाल का संकल्प लिया गया।
- लोगों को नदी में कचरा न फेंकने और घाट को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए जागरूक किया गया।
साइकिल यात्रा के 560वें रविवार का विशेष आयोजन
यह आयोजन 'साइकिल यात्रा एक विचार' समूह के 560वें रविवार अभियान के साथ हुआ। इस दौरान स्वयंसेवकों ने नदी किनारे जमी गंदगी को साफ किया।
नदी संरक्षण पर जोर
पतनेश्वर मंदिर के पुजारी राजीव पांडे ने कहा कि किउल नदी जमुई की एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर है और इसमें प्लास्टिक डालना आने वाली पीढ़ियों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि विश्व नदी दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि साल भर संरक्षण की प्रतिबद्धता होनी चाहिए।
व्यवहार परिवर्तन का लक्ष्य
'मेरा युवा भारत' के हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी और लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है।
इन लोगों ने निभाई भूमिका
इस अभियान में गोलू शिवम कुमार, अभिनव दुबे, शांतनु सिंह, विवेक कुमार, राजीव कुमार पांडे, लड्डू मिश्रा, विशाल सिंह, पंकज कुमार, केपी शौर्य, हर्ष कुमार सिन्हा, पाखी कुमारी, राम और 'मेरा युवा भारत' के कई अन्य स्वयंसेवक शामिल हुए।