भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में इलाज में लापरवाही के कारण एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान झारखंड के मिर्जाचौकी निवासी 24 वर्षीय मिथिलेश पासवान के रूप में हुई है। घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक हंगामा किया, जिसे बरारी पुलिस चौकी के जवानों ने शांत कराया।
- मिथिलेश सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुआ था
- परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी गेट के बाहर डेढ़ घंटे तक खड़ा रखा गया
- डॉक्टरों ने बिना इलाज किए दूसरे विभाग में रेफर कर दिया
- करीब चार घंटे तक परिजन मरीज को लेकर एक विभाग से दूसरे विभाग भटकते रहे
- समय पर इलाज न मिलने के कारण मिथिलेश की मौत हो गई
मृतक के भाई छोटू पासवान ने बताया कि मिथिलेश सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। बेहतर इलाज के लिए परिजन उसे मायागंज अस्पताल लेकर आए थे। आरोप है कि इमरजेंसी गेट के बाहर ही उन्हें डेढ़ घंटे से अधिक समय तक खड़ा रखा गया। इसके बाद जब डॉक्टर आए, तो उन्होंने मरीज को देखने के बजाय दूसरे विभाग में रेफर कर दिया। परिजन घायल को लेकर दूसरे विभाग गए तो वहाँ से भी उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि यहाँ इलाज नहीं होगा।
करीब चार घंटे तक परिजन मरीज को लेकर एक विभाग से दूसरे विभाग भटकते रहे, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने न तो मरीज की जाँच की और न ही कोई इमरजेंसी इंजेक्शन लगाया। मृतक के भाई का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से मिथिलेश की बिगड़ती हालत को देखकर गुहार लगाई, तो डॉक्टरों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और पुलिस के सामने ही साफ कह दिया कि यहाँ इलाज नहीं होगा। समय पर इलाज न मिलने के कारण आखिरकार मिथिलेश ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस गंभीर लापरवाही और हंगामे के मामले पर जब अस्पताल अधीक्षक से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन का कोई जवाब नहीं दिया। युवक की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। तीन घंटे तक चले इस हंगामे के बाद बरारी पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है।