Bihar Electricity Update: बिहार में 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, 35 पैसे प्रति यूनिट दाम बढ़ाने का प्रस्ताव

Hariom Mishra11 February 20262 min read25 viewsBihar
Bihar Electricity Update: बिहार में 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, 35 पैसे प्रति यूनिट दाम बढ़ाने का प्रस्ताव

बिहार में आम उपभोक्ताओं को बिजली का बड़ा झटका लग सकता है. राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने पुराने बकाये की भरपाई के लिए बिहार विद्युत विनियामक आयोग को नया टैरिफ प्रस्ताव भेजा है. इस प्रस्ताव में बिजली की दरों में करीब 35 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगी.

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बिजली के दाम क्यों बढ़ रहे हैं?

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नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने करीब 3200 करोड़ रुपये के पुराने बकाये की वसूली के लिए यह प्रस्ताव दिया है. यह बकाया साल 2012 में बिजली बोर्ड के बंटवारे के समय का है. कंपनियों का कहना है कि सरकार ने इस देनदारी को चुकाने की जिम्मेदारी ली थी, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है. विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) ने भी कंपनियों के हक में फैसला सुनाते हुए उन्हें ब्याज सहित पैसा वसूलने का अधिकार दिया है.

प्रस्ताव की मुख्य बातें और डेटा

बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) के अध्यक्ष आमिर सुभानी इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं. आयोग ने पटना, बेगूसराय और गया जैसे मुख्य शहरों में जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है. नई दरों को लेकर मार्च 2026 के दूसरे सप्ताह में अंतिम घोषणा होने की उम्मीद है. आयोग फिलहाल कंपनियों के डेटा और आम जनता के सुझावों की जांच कर रहा है.

प्रमुख विवरण जानकारी
प्रस्तावित बढ़ोतरी 35 पैसे प्रति यूनिट
बकाये की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये
प्रभावी तिथि 1 अप्रैल 2026
समाप्ति तिथि 31 मार्च 2027

आम उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?

बिजली दरों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा. हालांकि, ग्राहकों को कितनी राहत मिलेगी, यह राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी पर निर्भर करेगा. अगर सरकार सब्सिडी की राशि बढ़ाती है, तो उपभोक्ताओं पर बोझ कम हो सकता है. इसके अलावा शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्लैब की संख्या घटाकर एक ही रेट करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है. बिजली कंपनियों ने साफ किया है कि अगर सरकार बकाया नहीं चुकाती, तो टैरिफ बढ़ाना जरूरी होगा.

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