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बिहार में गंगा पर एक नया डबल-ट्रैक रेल पुल 2026 तक चालू होने की उम्मीद है, जिससे रेल यातायात में सुधार होगा।




पटना में, बिहार के हठिदह और सिमरिया के बीच एक नया डबल-ट्रैक रेल पुल 2026 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पुल राज्य के महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर भीड़भाड़ को काफी कम करेगा।


यह 1.86 किलोमीटर लंबा पुल, जो पुरानी राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहा है, दो ट्रेनों को एक साथ चलने की सुविधा देगा। इससे राजेंद्र पुल पर पहले से मौजूद सिंगल रेल लाइन के साथ मिलकर तीन ट्रेनों को एक साथ नदी पार करने की अनुमति मिलेगी।


इस परियोजना को 2018 में पूर्व-मध्य रेलवे द्वारा मुंबई की कंपनी अफ्कॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर को सौंपा गया था। इसकी लागत लगभग 1,700 करोड़ रुपये है। कोविड-19 महामारी और गंगा के वार्षिक बाढ़ के कारण इसमें कई बार देरी हुई है, लेकिन अब 90% निर्माण पूरा हो चुका है।


पुल को वंदे भारत और नमो भारत जैसी उच्च गति वाली ट्रेनों के लिए बनाया गया है। इसमें लगभग 20,000 टन स्टील का उपयोग होगा और इसमें 18 पियर्स हैं, जो 65-70 मीटर गहरे हैं।


पुल के बनने से बिहार और अन्य राज्यों के बीच कनेक्टिविटी में सुधार होगा। इसके साथ ही, आसपास के स्टेशनों का भी विकास किया जा रहा है। रेल यात्रा में देरी कम करने के लिए नई पुल और उससे जुड़ी सुविधाएं बनाई जा रही हैं।





Summary:

  • बिहार में गंगा पर नया डबल-ट्रैक पुल बन रहा है।

  • यह पुल 2026 के अंत तक चालू होने की संभावना है।

  • पुल से ट्रेनों की भीड़भाड़ कम होगी।

  • निर्माण में 90% प्रगति हो चुकी है।

  • आसपास के स्टेशनों का भी विकास किया जा रहा है।



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