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इस लेख में बिहार में महिला मतदाताओं की संख्या में कमी और इसके कारणों के बारे में जानकारी दी गई है।




पटना में हाल ही में हुए एक विशेष मतदाता सूची संशोधन के बाद बिहार में महिला मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं को मतदाता सूची से हटाया गया है।


1 जनवरी को संशोधन से पहले, हर 1000 पुरुषों पर 914 महिला मतदाता थीं। लेकिन 1 अक्टूबर को जारी अंतिम मतदाता सूची में यह संख्या घटकर 892 रह गई है। इस गिरावट का मतलब है कि केवल सात महीनों में प्रति 1000 पुरुषों में 22 महिलाएं कम हो गईं।


इस प्रक्रिया के दौरान, 2.27 मिलियन महिला मतदाता सूची से हट गईं, जबकि 1.55 मिलियन पुरुष मतदाता हटाए गए। इसका मुख्य कारण मृत्यु, प्रवास और डुप्लिकेशन सुधार बताये गए हैं।


बिहार के 38 जिलों में से 37 जिलों में महिला-पुरुष मतदाता अनुपात में गिरावट देखी गई, केवल भोजपुर में सुधार हुआ है। भागलपुर में सबसे अच्छा अनुपात 939 है, जबकि लखीसराय और पश्चिम चंपारण में सबसे कम 872 है।


चुनावों के लिए तैयारी करते हुए, राजनीतिक दलों ने महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए कई प्रयास किए हैं। सत्ताधारी NDA ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1,100 रुपये बढ़ा दिया है, जबकि विपक्षी महागठबंधन ने महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह देने का वादा किया है।





Summary:

  • बिहार में महिला मतदाताओं की संख्या में कमी आई है।

  • संशोधन से पहले 914 महिलाओं की संख्या अब 892 रह गई है।

  • 37 जिलों में गिरावट देखी गई, केवल भोजपुर में सुधार हुआ।

  • भागलपुर में सबसे अच्छा और लखीसराय में सबसे कम अनुपात है।

  • राजनीतिक दल महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए नए प्रयास कर रहे हैं।



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