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इस लेख में बिहार में एक बड़े लोन धोखाधड़ी मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है।




पटना में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग कथित तौर पर 43 करोड़ रुपये के लोन धोखाधड़ी में शामिल थे। उन्होंने एक केरल निवासी को धोखा देने के लिए खुद को उच्च पदस्थ अधिकारियों के तौर पर पेश किया।


गिरफ्तारी बैंक के जिले के राजौन में एक होटल से की गई। यह कार्रवाई एक विशेष सूचना के आधार पर की गई थी। मुख्य आरोपी का नाम अमित कुमार सिंह है, जिसे राकेश कुमार भी कहा जाता है। उसे उसके दो सहयोगियों के साथ पकड़ा गया।


आरोपी लोगों ने थिरुवनंतपुरम के एक निवासी से संपर्क किया और उसे बड़ा लोन दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने दावा किया कि वे भारतीय रिजर्व बैंक और CBI जैसे संस्थानों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। आरोप है कि शिकायतकर्ता ने पहले कुछ पैसे दिए और बाद में उसे धोखाधड़ी का एहसास हुआ।


सिंह पर पहले से ही एक दिल्ली की अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। पुलिस का कहना है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार स्थान बदलता रहा। अब उसे दिल्ली में और पूछताछ के लिए ले जाया गया है।


जांच अभी जारी है और आरोपियों के डिजिटल संचार की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी कहा कि वे संभावित अन्य वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क की पड़ताल कर रहे हैं।





Summary:

  • CBI ने बिहार में लोन धोखाधड़ी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

  • मुख्य आरोपी अमित कुमार सिंह को पकड़ा गया है।

  • आरोपियों ने एक व्यक्ति से लोन दिलाने का झूठा वादा किया था।

  • सिंह पहले से ही भगोड़ा घोषित था।

  • जांच अभी जारी है, और अन्य संभावित धोखाधड़ी नेटवर्क पर ध्यान दिया जा रहा है।



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