भागलपुर शहर की ऐतिहासिक पहचान माना जाने वाला घंटाघर (Ghantaghar) एक बार फिर अपनी बदहाल स्थिति के कारण चर्चा में है। पिछले छह दिनों से इस टावर की घड़ी पूरी तरह बंद पड़ी है और इसकी सुई 9:30 पर अटक गई है। शहर के बीचों-बीच स्थित यह इमारत अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती है, लेकिन रखरखाव की कमी के कारण अक्सर इसमें तकनीकी खराबी आ जाती है। स्थानीय लोग और हेरिटेज प्रेमी इस लापरवाही से काफी निराश हैं।
1913 से जुड़ा है इसका इतिहास और महत्व
यह क्लॉक टावर 1913 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान स्थापित किया गया था और इसे दीप नारायण सिंह स्मारक के नाम से भी जाना जाता है। यह जगह शहर के स्ट्रीट फूड और नाइट मार्केट का केंद्र भी है, जहां शाम को काफी भीड़ रहती है।
- पुराना इतिहास: 1992 में भी यह घड़ी लंबे समय तक खराब रही थी, जिसे बड़ी मुश्किल से ठीक कराया गया था।
- लोकेशन का महत्व: पास में ही भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है, जिससे यह इलाका ट्रैफिक के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है।
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट: Bhagalpur Smart City Limited (BSCL) द्वारा यहां सजावटी तिरंगा लाइटें लगाई गई हैं, लेकिन मुख्य घड़ी ही बंद पड़ी है।
नगर निगम और बजट बैठक पर अपडेट
घड़ी बंद होने की खबर ऐसे समय में आई है जब भागलपुर नगर निगम (BMC) अपने सालाना बजट की तैयारियों में जुटा है। मेयर डॉ. वसुंधरा लाल ने अधिकारियों को शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और मेंटेनेंस को बजट में प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
आगामी 28 फरवरी को सशक्त स्थायी समिति और 10 मार्च को निगम बोर्ड की बैठक होने वाली है। शहरवासियों को उम्मीद है कि इस बैठक में घंटाघर जैसे ऐतिहासिक स्मारकों के लिए कोई ठोस फैसला लिया जाएगा, ताकि बार-बार आने वाली इन खराबियों को हमेशा के लिए ठीक किया जा सके।






