होली (Holi 2026) पर घर जाने वालों के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें तो चलाई हैं, लेकिन इनका किराया आम आदमी की जेब ढीली कर रहा है। भागलपुर से दिल्ली और सूरत (Udhna) जाने वाली ‘स्पेशल’ ट्रेनों का किराया प्रीमियम ट्रेन हमसफर (Humsafar Express) से भी ज्यादा है। जहां एक तरफ यात्रियों को कंफर्म टिकट की मारामारी है, वहीं दूसरी तरफ इन स्पेशल ट्रेनों में ज्यादा पैसे देकर भी सुविधाएं कम मिल रही हैं। रेगुलर ट्रेनों में नो-रूम होने के कारण लोग महंगी टिकट खरीदने को मजबूर हैं।
स्पेशल ट्रेन और हमसफर के किराए में कितना है अंतर?
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, भागलपुर से आनंद विहार (Delhi) जाने वाली होली स्पेशल ट्रेन का स्लीपर का किराया 750 रुपये है, जबकि हमसफर एक्सप्रेस में यह 690 रुपये ही लगता है। इसी तरह थर्ड एसी (3rd AC) के लिए स्पेशल ट्रेन में यात्रियों को 1880 रुपये देने पड़ रहे हैं, जबकि हमसफर का किराया 1770 रुपये है। सूरत के उधना जाने वाली गाड़ियों में भी किराया रेगुलर एक्सप्रेस से 200 से 300 रुपये तक ज्यादा है। रेलवे इन गाड़ियों को ‘Trains on Demand’ या TOD कैटेगरी में चला रहा है, जिससे बेस फेयर का लगभग 1.3 गुना चार्ज वसूला जाता है।
ज्यादा पैसे देने के बाद भी सफर में क्यों हो रही परेशानी?
ज्यादा किराया देने के बाद भी यात्रियों को वो सुविधाएं नहीं मिल रहीं जो प्रीमियम ट्रेनों में मिलती हैं। हमसफर एक्सप्रेस भागलपुर से दिल्ली के बीच सिर्फ 11 स्टेशनों पर रुकती है, लेकिन स्पेशल ट्रेन 16 जगहों पर रुक रही है। इससे सफर का समय बढ़ जाता है। इसके अलावा, कई स्पेशल ट्रेनों में पेंट्री कार (Pantry Car) की सुविधा नहीं है और कोच भी पुराने लगाए गए हैं। साफ-सफाई को लेकर भी यात्रियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन मजबूरी में लोग टिकट बुक करा रहे हैं क्योंकि विक्रमशिला और ब्रह्मपुत्र मेल जैसी रेगुलर ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है।
होली पर कौन-कौन सी स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं?
होली की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 22 फरवरी से 30 मार्च 2026 के बीच कई फेरे बढ़ाए हैं। मालदा टाउन-आनंद विहार (03435/03436) और उधना-मालदा टाउन (03417/03418) जैसी ट्रेनें भागलपुर होकर गुजरेंगी। रेलवे बोर्ड ने इस साल होली पर रिकॉर्ड 1500 से ज्यादा स्पेशल ट्रिप का ऐलान किया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे सबसे ज्यादा 285 ट्रिप चला रहा है ताकि बिहार आने वाले लोगों को राहत मिल सके। अगर आपने अभी तक टिकट नहीं लिया है, तो 139 हेल्पलाइन या NTES पोर्टल पर नजर बनाए रखें, क्योंकि जरूरत पड़ने पर और भी गाड़ियां चलाई जा सकती हैं।






