भागलपुर शहर के लोगों के लिए जाम की समस्या से जुड़ी एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। शहर के दक्षिणी हिस्से में स्थित भीखनपुर गुमटी नंबर-12 पर अब रेल ओवर ब्रिज (ROB) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पथ निर्माण विभाग (RCD) ने इस इलाके में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए रेलवे को पत्र लिखा है। इसके साथ ही तातारपुर में मुस्लिम हाई स्कूल के पास बनने वाले पुल की जिम्मेदारी अब पूरी तरह रेलवे ने ले ली है, जिससे काम में तेजी आने की उम्मीद है।
ℹ: Holi Special Train: भागलपुर से दिल्ली और मुंबई के लिए 19 नई ट्रेनें, होली में घर आने की टेंशन ख़त्म।
भीखनपुर गुमटी नंबर-12 पर क्या है ताजा अपडेट?
भीखनपुर गुमटी नंबर-12 पर आरओबी बनाने के लिए बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने पूर्व रेलवे (Eastern Railway) को औपचारिक अनुरोध भेजा है। विधानसभा सत्र के दौरान नगर विधायक रोहित पांडेय ने जब यह सवाल उठाया, तो विभाग के मंत्री ने पुष्टि की कि रेलवे को पत्र भेजा जा चुका है।
इस इलाके में भीखनपुर, जिच्छो, लोदीपुर और लालूचक भट्ठा जैसे क्षेत्रों के लगभग 15 से 20 हजार लोग रहते हैं। यहां रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानी होती है। आरओबी बनने से इन लोगों का सफर आसान हो जाएगा और समय की बचत होगी।
तातारपुर पुल और हालिया घटनाओं पर क्या है जानकारी?
तातारपुर में मुस्लिम हाई स्कूल के पास बनने वाले आरओबी का काम अब बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के बजाय रेलवे खुद करेगा। रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को अपने हाथ में ले लिया है और 24 फरवरी 2026 तक यहां मिट्टी की जांच (Soil Testing) का काम भी पूरा कर लिया गया है। इस रास्ते से हर दिन करीब 20 से 25 हजार गाड़ियां गुजरती हैं और यह पुल बनने से 100 से ज्यादा गांवों के लगभग 2 लाख लोगों को फायदा होगा।
इसी जगह पर 21 फरवरी को एक टोटो की टक्कर से रेलवे क्रॉसिंग का गेट टूट गया था। इस वजह से भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर करीब 4 घंटे तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा और ट्रेनों को मैनुअल तरीके से पास कराना पड़ा। अब आरओबी बनने से ऐसी दुर्घटनाओं और ट्रेन लेट होने की समस्या खत्म हो जाएगी।
रेलवे ने अंडरपास को लेकर क्या बदलाव किए हैं?
रेलवे बोर्ड ने भोलानाथ पुल और गुमटी नंबर-2 के बीच प्रस्तावित अंडरपास के डिजाइन में भी बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब यह अंडरपास पहले से ज्यादा चौड़ा और ऊंचा बनेगा। इसकी नई चौड़ाई 6 मीटर और ऊंचाई 5 मीटर होगी, ताकि एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आसानी से निकल सकें। इस बदलाव से प्रोजेक्ट की लागत में करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, लेकिन यह शहर की सुरक्षा और सुविधा के लिए बहुत जरूरी कदम है।






