प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती, यह बात एक बार फिर सच साबित हुई है। बिहार के कटिहार जिले के फलका प्रखंड स्थित हथवाड़ा पंचायत के छोटे से गांव फूलडोभी के रहने वाले सन्नी राज सन्नी ने कमाल कर दिया है। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले सन्नी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 526वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस सफलता की खबर मिलते ही पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
साधारण किसान परिवार और JNU से शिक्षा
सन्नी की सफलता के पीछे कड़े संघर्ष और अनुशासन की कहानी है। उनके पिता कन्हैया कुमार सिंह एक किसान हैं और माता किरण देवी गृहणी हैं। गांव की मिट्टी से जुड़े रहने के बावजूद सन्नी ने अपनी शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की है। ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच रहकर भी उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी ओझल नहीं होने दिया।
दूसरे प्रयास में हासिल किया मुकाम
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यूपीएससी 2025-26 के परिणाम में सन्नी को यह सफलता उनके दूसरे प्रयास में मिली है, जबकि यह उनका पहला इंटरव्यू था। 526वीं रैंक हासिल कर उन्होंने न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि कटिहार और पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है। क्षेत्र के लोग उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा मान रहे हैं। सन्नी की यह कामयाबी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गांव की पगडंडियों से निकलकर भी देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा तक पहुंचा जा सकता है।






