तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) प्रशासन ने सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे को लेकर सख्त रवैया अपनाया है। विश्वविद्यालय ने सेवानिवृत्त कर्मियों और शिक्षकों से सरकारी आवास खाली कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी कड़ी में प्रशासन ने पांच सेवानिवृत्त कर्मचारियों और एक शिक्षक को नोटिस भेजकर सख्त निर्देश दिया है कि वे सात दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली कर दें। यह कार्रवाई 8 मार्च 2026 को जारी किए गए पत्रों के माध्यम से शुरू की गई है।

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किन लोगों को भेजा गया है नोटिस?

विश्वविद्यालय की एस्टेट शाखा ने जिन लोगों को आवास खाली करने का नोटिस भेजा है, उनमें डॉ. प्रमोद कुमार, नवीन चंद्र झा, संजय कुमार, शंभूनाथ सिंह, डॉ. सुरीद दास और ओम प्रकाश शामिल हैं। ये सभी लोग 24 परगना (लालबाग) क्षेत्र में स्थित विश्वविद्यालय के आवासों में रह रहे थे। प्रशासन के अनुसार, सेवानिवृत्ति या तबादले के बाद भी इन आवासों पर कब्जा बनाए रखना नियमों के खिलाफ है। इन सभी को सात दिनों की मोहलत दी गई है।

डॉ. प्रमोद कुमार पर क्यों लगा जुर्माना?

इस कार्रवाई में सबसे बड़ी खबर डॉ. प्रमोद कुमार को लेकर है, जो वर्तमान में पूर्णिया विश्वविद्यालय में गणित विभाग में कार्यरत हैं। वे ‘लियन’ (Lien) पर वहां गए हैं लेकिन भागलपुर विवि का क्वार्टर नहीं छोड़ा था। इस वजह से TMBU ने उन पर 1,26,140 रुपये का ‘पीनल रेंट’ (Penal Rent) लगाया है। विश्वविद्यालय ने उन्हें यह बकाया राशि तुरंत जमा करने का आदेश दिया है क्योंकि वे दूसरे संस्थान से वेतन ले रहे हैं और यहां का आवास अनधिकृत रूप से अपने पास रखा है।

आदेश नहीं मानने पर क्या होगी कार्रवाई?

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा यानी सात दिनों के भीतर आवास खाली नहीं किया गया, तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने कहा है कि आदेश की अवहेलना करने पर जिला प्रशासन की मदद ली जाएगी और पुलिस व मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में जबरन आवास खाली कराया जाएगा। विवि यह कदम इसलिए उठा रहा है ताकि वर्तमान में कार्यरत जरूरतमंद कर्मचारियों को आवास आवंटित किया जा सके।


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