भागलपुर नगर निगम परिसर में वार्ड 13 के पार्षद रंजीत मंडल का अनशन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान निगम कार्यालय में काफी गहमागहमी देखने को मिली क्योंकि प्रशासनिक आदेश पर सुरक्षाकर्मियों ने पार्षद का टेंट और बिस्तर वहां से हटा दिया। यह पूरा मामला रंजीत गोप लेन में बने एक प्याऊ के निर्माण को लेकर है जिसे पार्षद नियमों के खिलाफ बता रहे हैं।
अनशन के दौरान क्या हुआ और प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
मंगलवार को जब रंजीत मंडल अपने समर्थकों के साथ अनशन पर बैठे थे तब नगर निगम के सुरक्षा गार्डों ने पार्किंग एरिया से उनका सामान और टेंट हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और अन्य वार्ड पार्षदों ने भी इसका कड़ा विरोध किया। पार्षद गोविंद बनर्जी ने टेंट हटाने की घटना को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। प्रशासन का कहना है कि वे इस मामले में बातचीत कर रहे हैं और शांति बनाए रखने की कोशिश जारी है।
प्याऊ विवाद पर स्थानीय लोगों और पार्षद का क्या पक्ष है?
पार्षद रंजीत मंडल का आरोप है कि रंजीत गोप लेन में प्याऊ का निर्माण उनकी सहमति के बिना और नियमों को ताक पर रखकर किया गया है। दूसरी ओर स्थानीय निवासियों ने इस निर्माण का समर्थन किया है और नगर आयुक्त द्वारा भेजी गई तीन सदस्यीय जांच टीम को बताया कि प्याऊ सही जगह बना है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्याऊ हटाया गया तो वे खुद आंदोलन करेंगे और पार्षद को हटाने की मांग DM से करेंगे।
विवाद से जुड़े मुख्य बिंदु और अगली रणनीति
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मुख्य प्रदर्शनकारी | रंजीत मंडल (पार्षद, वार्ड 13) |
| विवाद का विषय | रंजीत गोप लेन में प्याऊ का निर्माण |
| प्रशासनिक एक्शन | तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन |
| अगला कदम | पटना में मेमोरेंडम और हस्ताक्षर अभियान |
रंजीत मंडल ने घोषणा की है कि वे बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू करेंगे। इसके बाद एक डेलिगेशन पटना जाएगा और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को ज्ञापन सौंपकर पार्षदों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग करेगा। पार्षद का कहना है कि उनकी आवाज को दबाया जा रहा है और टेंडर प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी है।






