भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल (JLNMCH), जिसे मायागंज अस्पताल के नाम से जाना जाता है, वहाँ से बड़ी लापरवाही की खबर आई है। अस्पताल के गायनी वार्ड में शौचालय का नल लगातार बहने के कारण पूरे वार्ड और गलियारों में जलजमाव हो गया। इस स्थिति ने अस्पताल के मैनेजमेंट और साफ-सफाई की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों और उनके परिवार वालों को काफी समय तक गंदे पानी के बीच ही रहने पर मजबूर होना पड़ा।
वार्ड में जलजमाव की मुख्य वजह क्या थी?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात से ही गायनी वार्ड के शौचालय का एक नल लीक हो रहा था। रात भर पानी बहने की वजह से मंगलवार सुबह तक स्थिति काफी खराब हो गई। पानी शौचालय से निकलकर कॉरिडोर और मरीजों के बेड तक पहुँच गया था। अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार दोपहर में इस मामले का संज्ञान लिया और लीक हो रहे पाइप की मरम्मत कराई। पाइप ठीक होने के बाद स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ और पानी को वार्ड से निकाला गया।
अस्पताल की व्यवस्था और हालिया चुनौतियां
मायागंज अस्पताल में बुनियादी ढांचे और मैनपावर की कमी अक्सर चर्चा में रहती है। अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर हिमांशु परमेश्वर दुबे और मैनेजर सुनील गुप्ता के नेतृत्व में प्रबंधन इन समस्याओं को ठीक करने का प्रयास कर रहा है। अस्पताल में हाल के दिनों की कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ नीचे दी गई हैं:
| प्रमुख घटना | विवरण |
|---|---|
| पानी की गुणवत्ता | मायागंज क्षेत्र के वार्ड 27 में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत मिली है। |
| मरीज सुरक्षा | हाल ही में मेडिकल नेग्लिजेंस के आरोपों को लेकर अस्पताल में प्रदर्शन हुआ था। |
| नई योजना | अस्पताल परिसर में बिहार का पहला हर्बल गार्डन बनाने की तैयारी चल रही है। |
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह अस्पताल लगभग 150 किलोमीटर के दायरे की आबादी को सेवाएं देता है, जिस वजह से संसाधनों पर भारी दबाव रहता है। हालांकि, जलजमाव और सफाई जैसी मूलभूत समस्याओं ने यहाँ आने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। नगर निगम के कमिश्नर किशलय कुशवाहा ने भी पुराने पाइपलाइनों के सर्वे का आदेश दिया है ताकि लीकेज की समस्या को खत्म किया जा सके।






