नौगछिया अनुमंडल में आम की फसल पर मधुआ कीट (Mango Hopper) का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। जैसे ही मंजरों में चने के दाने जैसे छोटे टिकोले आए, इन कीटों ने हमला शुरू कर दिया जिससे फूल सड़ रहे हैं और फल गिर रहे हैं। गोपालपुर, रंगरा और नौगछिया के इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी कुमार वरुण ने किसानों को तुरंत दवा छिड़काव की सलाह दी है ताकि फसल को बचाया जा सके।
कीटों से बचाव के लिए अपनाएं यह तरीका
कृषि विभाग ने फसल बचाने के लिए जरूरी दवाओं के नाम और मात्रा की जानकारी दी है। अगर अगले 72 घंटों में बचाव नहीं किया गया तो पैदावार में 60 से 80 फीसदी तक की भारी गिरावट आ सकती है।
| दवा का नाम | खुराक (पानी के साथ) |
|---|---|
| Imidacloprid (17.8 SL) | 1 मिली प्रति 3 लीटर पानी |
| Lambda-cyhalothrin (5% EC) | 1 मिली प्रति लीटर पानी |
| Thiamethoxam | तीव्र नियंत्रण के लिए |
किसानों को सख्त हिदायत दी गई है कि जब आम के पेड़ पूरी तरह फूलों से लदे हों, तब दवा का छिड़काव न करें। इससे मधुमक्खियां मर सकती हैं और परागण पर असर पड़ सकता है। टिकोला बनने का वर्तमान समय दूसरे राउंड के छिड़काव के लिए सबसे सही है।
PM-Kisan योजना में 50 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन अभी बाकी
एक तरफ फसल पर कीटों का संकट है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी योजना के रजिस्ट्रेशन में भी बड़ी कमी देखी गई है। सात ब्लॉकों में लगभग 50 प्रतिशत पात्र किसानों ने ही अपना फार्म रजिस्ट्री का काम पूरा किया है।
- इसमाइलपुर, खरीक, बिहपुर और नारायणपुर में सबसे कम रजिस्ट्रेशन हुए हैं।
- मार्च के अंत तक PM-Kisan योजना की 22वीं किस्त आने की उम्मीद है।
- जिन किसानों ने e-KYC और जमीन की सीडिंग नहीं कराई है, उन्हें इस भुगतान से बाहर रखा जा सकता है।
- किसान सलाहकार गांव-गांव जाकर रजिस्ट्रेशन और कीटनाशक वितरण में मदद कर रहे हैं।






