बिहार के भागलपुर जिले में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहां घोघा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटारिया नदी में डूबने से तीन युवकों की जान चली गई। जानकारी के अनुसार, तीनों युवक ओलपुरा गांव के रहने वाले थे और महज पांच दिन पहले ही दिल्ली से अपने घर आए थे। परिवार में एक बच्चे का मुंडन संस्कार था, जिसमें शामिल होने के लिए सभी नदी किनारे पहुंचे थे। नहाने के दौरान सोशल मीडिया के लिए वीडियो (रील) बनाने की कोशिश में यह दुखद घटना घटी।
कैसे हुआ यह हादसा और किनकी हुई मौत?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्गा मंदिर के पास कटारिया नदी में नहाने के दौरान युवक एक रस्सी का सहारा लेकर रील बना रहे थे। अचानक रस्सी टूट गई और तीनों भाई तेज धारा की चपेट में आ गए। हादसे में घायल एक महिला रुक्मणी देवी को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, जिनका इलाज चल रहा है। मृतकों की सूची इस प्रकार है:
- सन्नी कुमार (देवल): 24 वर्ष, पिता शालिग्राम साह
- बॉबी कुमार (देवल): 20 वर्ष, पिता शालिग्राम साह
- कृष्णा कुमार (किशन): 25 वर्ष, पिता नंदलाल साह (चचेरा भाई)
स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के लिए नदी में हो रहे अवैध बालू खनन को भी जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि खनन की वजह से नदी का तल ऊबड़-खाबड़ और काफी गहरा हो गया है, जिससे गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे की जानकारी
घटना के बाद मौके पर पहुंची घोघा पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से तीनों शवों को बरामद किया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल (JLNMCH) भेज दिया गया है। कहलगांव एसडीओ कृष्णचंद्र गुप्त ने बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के तहत परिजनों को उचित सहायता दी जाएगी।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| मुआवजा राशि | 4 लाख रुपये प्रति मृतक |
| मृतकों का निवास | नया टोला ओलपुरा, भागलपुर |
| कार्यक्षेत्र | दिल्ली (प्रवासी श्रमिक) |
| सरकारी आदेश | कहलगांव SDO द्वारा सहायता की पुष्टि |






