जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने गुरुवार को गया में एक निजी होटल में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला। प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि बिहार की सत्ता अब ‘गुजरात से रिमोट कंट्रोल’ के जरिए चलाई जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री की वर्तमान ‘समृद्धि यात्रा’ को भी एक राजनीतिक दिखावा करार दिया।
रिमोट कंट्रोल से सरकार चलने का क्या है दावा
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भूमिका को जानबूझकर कम किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिहार का प्रशासन अब सीधे तौर पर बाहरी नेतृत्व द्वारा नियंत्रित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की रणनीति पहले से ही तय थी।
मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह अब राज्य का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हैं। उन्होंने जन सुराज को बिहार में इस रिमोट कंट्रोल वाली सरकार के मुख्य विपक्ष के रूप में पेश किया।
क्या है CM नीतीश की समृद्धि यात्रा का डेटा
एक तरफ जहां विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण पर हैं। यह चरण 10 मार्च से 14 मार्च 2026 तक चलना है। इस यात्रा का आधिकारिक उद्देश्य मुख्यमंत्री के केंद्रीय राजनीति में जाने से पहले सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर आकलन करना और जनता से संवाद करना है।
कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने यात्रा का आधिकारिक शेड्यूल जारी किया है। 12 मार्च को मुख्यमंत्री ने कटिहार और पूर्णिया का दौरा किया और कई विकास कार्यों की सौगात दी।
- कटिहार में मुख्यमंत्री ने 410 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
- पूर्णिया दौरे के दौरान जिले में 485 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की घोषणा की गई।
- समृद्धि यात्रा का पहला चरण 16 जनवरी से 24 जनवरी तक पश्चिम चंपारण से शुरू हुआ था।
- दूसरा चरण 27 जनवरी से 29 जनवरी तक चला था।
- आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा और शेखपुरा का दौरा भी करने वाले हैं।






