भागलपुर वासियों का हवाई सफर का सपना अब सच होने जा रहा है। केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) 5.2 योजना के तहत तिलकामांझी हवाई पट्टी से जल्द ही छोटे विमानों का संचालन शुरू होने वाला है। इसके लिए प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने तकनीकी मानकों की जांच शुरू कर दी है और नागर विमानन विभाग ने 10 वर्षों का मौसम संबंधी डेटा भी मांगा है। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर भागलपुर को पटना और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से सीधा जोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं।
क्या होगा किराया और विमान की क्षमता?
आम आदमी भी आसानी से हवाई सफर का आनंद ले सके, इसके लिए उड़ान योजना के तहत किराये को आम लोगों के बजट में रखा गया है। शुरुआती चरण में 9-सीटर से लेकर 19-सीटर तक के छोटे विमान चलाए जाएंगे।
- आधे घंटे से एक घंटे की उड़ान का किराया 1420 रुपये से 3500 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।
- केंद्र सरकार ने छोटे शहरों को जोड़ने के लिए प्रति घंटे की उड़ान का कैप 2500 रुपये तय किया है।
- विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए वर्तमान रनवे (करीब 3300 फीट) का विस्तार किया जाएगा।
नए एयरपोर्ट के लिए 472 करोड़ रुपये मंजूर
वर्तमान हवाई पट्टी से उड़ान शुरू करने के साथ-साथ एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (Greenfield Airport) की भी बड़ी तैयारी चल रही है। सुल्तानगंज और गोराडीह इलाके में नए एयरपोर्ट के लिए लगभग 931 से 972 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। बिहार राज्य कैबिनेट ने इस जमीन अधिग्रहण के लिए 472 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। राज्य के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जमीन अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भागलपुर के व्यापार और पर्यटन को मिलेगा भारी फायदा
हवाई सेवा शुरू होने से सिल्क सिटी भागलपुर के आर्थिक विकास को एक नई गति मिलेगी। ईस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अनुसार, सिल्क, मसाले और अनाज की मंडी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से बाहर से आने वाले पर्यटक सीधे विक्रमशिला विश्वविद्यालय, अजगैबीनाथ धाम और बटेश्वर स्थान जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।






