मिडिल ईस्ट में तनाव की अफवाहों के बीच बिहार में एलपीजी गैस की किल्लत और कालाबाजारी शुरू हो गई है। इसका सीधा असर आम लोगों के साथ-साथ स्कूलों और होटलों पर पड़ रहा है। पटना के कई सरकारी स्कूलों में गैस नहीं होने से मिड-डे मील ठप हो गया है और खाना पकाने के लिए लकड़ी या कोयले का इस्तेमाल हो रहा है। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने जनता को भरोसा दिया है कि राज्य में घरेलू गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और लोगों को पैनिक करने की जरूरत नहीं है।
स्कूलों से लेकर होटलों तक गैस संकट का असर
गैस की कमी के कारण पटना के कई बड़े रेस्टोरेंट और होटलों ने अपना मेन्यू कम कर दिया है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से चाइनीज खाने और रोल आदि के काउंटर बंद कर दिए गए हैं। पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में चलने वाले दरिद्र नारायण भोज के लिए भी अब सिर्फ एक हफ्ते की कमर्शियल गैस बची है और प्रबंधन कोयले या इंडक्शन पर शिफ्ट होने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा पटना, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में उपभोक्ताओं को गैस डिलीवरी के लिए 7 से 8 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है। औरंगाबाद, कैमूर और गया में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 5 बजे से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। शिवहर में तो एक व्यक्ति ने गैस न मिलने पर भारी हंगामा किया।
गैस बुकिंग के नए नियम और हेल्पलाइन नंबर
कालाबाजारी रोकने और सप्लाई को ठीक करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। प्रशासन ने गैस वितरण और बुकिंग को लेकर कुछ नए नियम बनाए हैं जिन पर सख्ती से काम हो रहा है।
- बुकिंग का नया नियम: अब घरेलू गैस रिफिल बुक करने का न्यूनतम समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
- नो ओटीपी, नो गैस: बिना OTP के कोई भी सिलेंडर डिलीवर नहीं किया जाएगा ताकि गैस सीधे सही ग्राहक को मिले।
- हेल्पलाइन नंबर: पटना जिला प्रशासन ने 0612-2219810 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जो सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक काम करेगा।
- छापेमारी टीम: पटना डीएम त्यागराजन एसएम ने ब्लॉक स्तर पर 28 प्रवर्तन दस्ते बनाए हैं जो गैस एजेंसियों के गोदामों की चेकिंग कर रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान न दें, सरकार कर रही सख्त कार्रवाई
बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ कहा है कि राज्य में घरेलू एलपीजी का पूरा स्टॉक है। मिडिल ईस्ट में तनाव को लेकर उड़ रही अफवाहों के कारण लोग बेवजह घबरा रहे हैं और सिलेंडर जमा कर रहे हैं। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने सभी डीएम और एसपी को निर्देश दिया है कि जो भी वितरक कालाबाजारी या ज्यादा पैसे वसूलते पाए जाएं, उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। औरंगाबाद में कालाबाजारी की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कई जगहों पर छापेमारी भी शुरू कर दी है और पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।






