बिहार में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने 20 और 21 मार्च 2026 को पूरे राज्य में आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन इसका सीधा असर जनजीवन और फसलों पर पड़ने की संभावना है.
किन जिलों में रहेगा मौसम का सबसे ज्यादा असर?
मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी और उत्तर बिहार के जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. इन इलाकों में आंधी और ओले गिरने की तीव्रता अधिक रह सकती है. विभाग ने जिलों को उनकी स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा है.
| अलर्ट का प्रकार | प्रभावित प्रमुख जिले | संभावित खतरा |
|---|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट | भागलपुर, बांका, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधुबनी | भारी बारिश, ओले और तेज हवा |
| येलो अलर्ट | पटना, गया, नवादा, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर | गरज के साथ हल्की बारिश |
आम लोगों और किसानों के लिए जरूरी जानकारी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव सीमांचल और दक्षिण-पूर्वी बिहार के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा. तेज हवाओं और ओलावृष्टि की वजह से गेहूं, आम और लीची की फसलों को नुकसान पहुंचने का डर है. आम जनता के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:
- बिजली कड़कने और आंधी के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें.
- खराब मौसम के दौरान पक्के मकानों में शरण लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है.
- तेज हवाओं के कारण ओले गिरने से खिड़कियों और संपत्ति को नुकसान हो सकता है.
- किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दें.
मौसम केंद्र पटना के अनुसार 21 मार्च को प्रदेश के सभी 38 जिलों में मौसम का असर दिखाई देगा. 22 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश और हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है.






