बिहार के मुजफ्फरपुर, खगड़िया और अररिया समेत कई जिलों में 20 और 21 मार्च 2026 को मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाया। तेज आंधी और भारी ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, मक्का और सरसों की फसलें काफी प्रभावित हुई हैं। मुजफ्फरपुर के गायघाट और कटरा जैसे इलाकों में ओलों की मार से लीची और आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा ने न केवल फसलों को चोट पहुंचाई है, बल्कि गया और अररिया जिलों में जान-माल की हानि की खबरें भी सामने आई हैं।
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किन जिलों में सबसे अधिक असर हुआ और क्या है नुकसान का विवरण?
मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के बीच बिहार के 30 से अधिक जिलों में तेज हवाएं और बारिश दर्ज की गई। इस आपदा का असर इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा देखा गया है:
- मुजफ्फरपुर और खगड़िया: यहां गेहूं और दलहन की तैयार फसलें जमीन पर बिछ गई हैं जिससे किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई।
- गया और अररिया: गया में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हुई जबकि अररिया के फारबिसगंज में दीवार गिरने से दो बच्चों की जान चली गई।
- यातायात और बिजली: तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने से कई जगह रास्ते बंद हो गए और बिजली आपूर्ति घंटों तक बाधित रही।
- प्रभावित फसलें: गेहूं, मक्का, सरसों, आम और लीची की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।
प्रभावित किसानों को मुआवजा कैसे मिलेगा और सरकार का क्या है आदेश?
फसलों के नुकसान को देखते हुए सरकार ने राहत की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को राज्यों के साथ समन्वय बनाकर नुकसान का सटीक आकलन करने को कहा है। मुआवजे से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:
| योजना का नाम | नुकसान की सीमा | मुआवजे का विवरण |
|---|---|---|
| कृषि इनपुट अनुदान | 33% या अधिक नुकसान | ऑनलाइन आवेदन के बाद बैंक खाते में राशि |
| PM फसल बीमा योजना | व्यक्तिगत नुकसान | बीमा कंपनी द्वारा नुकसान की भरपाई |
| सरकारी सर्वे | प्रखंड स्तर पर | राजस्व अधिकारियों द्वारा क्षति की रिपोर्ट |
अररिया में सहायक जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ने बताया है कि प्रखंड और पंचायत स्तर पर क्षति का आकलन किया जा रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे स्थिति सामान्य होने तक खेतों में न जाएं और बिजली के खंभों व पेड़ों से दूर रहें। प्रशासन की रिपोर्ट तैयार होने के बाद मुआवजे की राशि वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।






