भागलपुर में अवैध रूप से चल रहे मेडिकल सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिले के छह अलग-अलग क्लिनिकों को तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। इन केंद्रों पर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2013 के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान न केवल इन क्लिनिकों को बंद किया गया, बल्कि प्रत्येक संचालक पर 50,000 रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
इन क्लिनिकों पर स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में इन केंद्रों पर गंभीर लापरवाही और नियमों की अनदेखी पाई गई। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जुर्माने की राशि बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जल्द से जल्द जमा करनी होगी। ऐसा न करने की स्थिति में संचालकों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिन केंद्रों पर कार्रवाई हुई है, उनमें मुदीचक और नवगछिया के क्लिनिक शामिल हैं।
जांच में मिली खामियों का पूरा विवरण
| क्लिनिक का नाम | जांच में मिली गंभीर कमियां |
|---|---|
| Jesavilinik (मुदीचक) | बिना रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर के संचालन, बायोमेडिकल कचरे का गलत निस्तारण। |
| Chirag Health Care (नवगछिया) | मरीज की मौत के बाद सील हुआ था, फिर से नए नाम से अवैध संचालन मिला। |
| Guru Hospital (नवगछिया) | बिना Anesthetist (बेहोश करने वाले डॉक्टर) की अनुमति के सर्जरी की जा रही थी। |
| Dr. Sampt Kumar Ray (नवगछिया) | Ayurvedic रजिस्ट्रेशन होने के बावजूद अवैध रूप से Allopathic इलाज जारी था। |
| Sai Kedar Center (नवगछिया) | अप्रशिक्षित लोगों द्वारा डिलीवरी और इस्तेमाल की गई सुइयों का खुला अंबार मिला। |
| Emraan Memorial (नवगछिया) | बिना किसी ट्रेनिंग और अधिकार के मरीजों का इलाज और ऑपरेशन किया जा रहा था। |
विभाग की इस कार्रवाई से जिले में अवैध रूप से चल रहे अन्य अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा और समय-समय पर ऐसी जांच अभियान चलाए जाते रहेंगे।






