भागलपुर के नारायणपुर प्रखंड के रहने वाले दो युवा वैज्ञानिकों ने पानी की सफाई के लिए एक अनोखी तकनीक खोजी है। इन्होंने अंडे के छिलकों का उपयोग करके एक नैनो वाटर फिल्टर तैयार किया है। इस तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट मिल चुका है। यह फिल्टर ग्रामीण इलाकों में Arsenic और Fluoride युक्त जहरीले पानी की समस्या को खत्म करने में मददगार होगा। यह आविष्कार बिहार के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इस जादुई फिल्टर की मुख्य विशेषताएं क्या हैं?

यह वाटर फिल्टर पानी से Arsenic, Fluoride और Lead जैसे खतरनाक रसायनों को बाहर निकालता है। यह हानिकारक बैक्टीरिया और डायरिया फैलाने वाले वायरस को भी खत्म करने में सक्षम है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह बिना बिजली के काम करती है। इसमें अंडे के छिलके जैसे अपशिष्ट का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।

लागत और पेटेंट से जुड़ी जानकारी क्या है?

वैज्ञानिकों के अनुसार इस फिल्टर के पाउडर को तैयार करने की लागत बहुत कम है। विश्वविद्यालय प्रशासन इसे बड़े पैमाने पर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है। इसकी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

विवरण जानकारी
पाउडर की लागत लगभग 50 रुपये प्रति किलो
शुद्धिकरण क्षमता 2000 लीटर पानी प्रति किलो पाउडर
प्रमुख वैज्ञानिक Dr. Abhay Kumar Aman और Ashutosh Kumar
संबंधित संस्थान Aryabhatta Knowledge University (AKU), Patna
पेटेंट स्थिति भारत सरकार द्वारा प्राप्त

आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति शरद कुमार यादव ने इसे बिहार के लिए गौरव की बात बताया है। स्कूल ऑफ नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी के विभागाध्यक्ष Dr. Rakesh Kumar Singh के अनुसार यह तकनीक भविष्य में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसे ‘जल जीवन मिशन’ जैसी योजनाओं से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि आम जनता को इसका लाभ मिल सके।


Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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