भागलपुर शहर में परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रदूषण कम करने के लिए 50 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी तेज कर दी गई है. बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए अधिकारियों के पदस्थापन और बुनियादी ढांचे के विकास पर काम शुरू कर दिया है. प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए पवन कुमार शांडिल्य को भागलपुर का सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (संचालन) नियुक्त किया गया है.
तिलकामांझी बस स्टैंड में बनेगा 12 करोड़ का बिजली सब-स्टेशन
इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने के लिए तिलकामांझी बस स्टैंड परिसर में 2200 किलोवाट क्षमता का एक समर्पित विद्युत उपकेंद्र (PSS) बनाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट पर 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इससे एक साथ 10 बसों को चार्ज करना संभव होगा. बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए मेडिकल कॉलेज से बस स्टैंड तक अंडरग्राउंड लाइन बिछाई जाएगी. इसके अलावा 5.6 एकड़ भूमि पर आधुनिक टर्मिनल, वर्कशॉप और वाशिंग रैंप का निर्माण भी होगा.
बसों की संख्या और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत भागलपुर को मिलने वाली इन 50 बसों पर कुल 74 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जबकि सिविल वर्क के लिए 62 करोड़ का बजट रखा गया है. ये बसें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी और इनमें यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे. महिलाओं के लिए अलग से सीटों का प्रावधान किया गया है. इन बसों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनका किराया सामान्य बसों के बराबर ही होगा.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल इलेक्ट्रिक बसें | 50 बसें |
| बसों की लागत | 74 करोड़ रुपये |
| सिविल वर्क बजट | 62 करोड़ रुपये |
| चार्जिंग स्टेशन लागत | 12 करोड़ रुपये |
| संचालन मॉडल | PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) |
क्षेत्रीय प्रबंधक अजिताभ आनंद के अनुसार ई-बसों के साथ-साथ भागलपुर डिपो में 24 नई डीजल बसें भी इस महीने के अंत तक पहुंच जाएंगी. इनके परिचालन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इन नई बसों के आने से भागलपुर के आम लोगों को गर्मी के मौसम में राहत मिलेगी और शहर की सड़कों पर प्रदूषण का स्तर भी कम होगा.






