भागलपुर के विक्रमशिला कॉलोनी की रहने वाली एक महिला उद्यमी स्वीटी ने अपनी मेहनत और मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना के सहारे बड़ा मुकाम हासिल किया है. उन्होंने सिर्फ तीन साल में अपने सरसों तेल के कारोबार को 20 लाख रुपये के टर्नओवर तक पहुंचा दिया है. यह कहानी स्थानीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण और उद्यमशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण बनी है.
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना का सहारा
कोरोना महामारी के कठिन समय में जब आजीविका का संकट खड़ा हुआ था, स्वीटी ने हार मानने के बजाय मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना का लाभ उठाया. उन्हें 2022 में 10 लाख रुपये का ऋण मिला, जिससे उन्होंने नाथनगर में सरसों तेल का प्लांट स्थापित किया. उनकी कड़ी मेहनत और बेहतर प्रबंधन का परिणाम यह रहा कि महज तीन वर्षों में उनका व्यवसाय 20 लाख रुपये के वार्षिक टर्नओवर तक पहुंच गया है.
देशभर में पहुंचा भागलपुरी सरसों तेल का स्वाद
स्वीटी ने अपने उत्पादों की घर-घर जाकर मार्केटिंग की और गुणवत्ता का विश्वास दिलाया. वर्तमान में उनका सरसों तेल ऑनलाइन माध्यमों से तेलंगाना, तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा और असम जैसे राज्यों में बेचा जा रहा है. इसके अलावा, पटना और मुजफ्फरपुर के खादी मॉल में भी उनके उत्पादों की आपूर्ति की जाती है. स्वीटी को वर्ल्ड फूड इंडिया, खादी मेला, ट्रेड फेयर और अंतरराष्ट्रीय मेलों में अपने उत्पाद बेचने का अवसर भी मिला है.
पीएम मोदी से हुई मुलाकात, मिली पहचान
22 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत मंडपम में स्वीटी को बिहार के उद्यमी के तौर पर मिलने का अवसर मिला था. उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की ओर से आमंत्रित किया गया था. पीएम मोदी से पांच मिनट तक स्वीटी ने संवाद किया था, जिसमें उत्पाद और बाज़ार की समस्याओं पर चर्चा हुई. स्वीटी जिले की पहली महिला उद्यमी हैं, जिन्हें ‘जय गोल्ड’ प्रमाण पत्र मिला है, जो उनके उत्पाद की गुणवत्ता को दर्शाता है.
स्थानीय लोगों को मिला रोज़गार
स्वीटी के इस उद्यम से वह खुद तो आत्मनिर्भर बनीं ही, स्थानीय स्तर पर 30 से अधिक महिला और पुरुषों को भी रोज़गार मिला है. उनका प्लांट हर महीने लगभग 900 लीटर सरसों तेल का उत्पादन करता है. इससे किसानों से आधुनिक सरसों की खेती भी कराई जाती है, जिससे उन्हें फसल खरीदकर आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने का प्रयास भी हो रहा है. स्वीटी की कहानी उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन हालात में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं.






