राज्यभर में करीब 60 हजार ऐसे आर्म्स लाइसेंस हैं जिन्हें रद्द किया जा सकता है। इन लाइसेंसों को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खत्म करने की श्रेणी में रखा है। इसका मुख्य कारण यह है कि इन लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। गृह विभाग ने सभी जिलों के डीएम को इस संबंध में एक पत्र भेजा है। भागलपुर और बांका समेत कई जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा।

भागलपुर और बांका में कितने लाइसेंस होंगे रद्द

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची में भागलपुर जिले में 1024 आर्म्स लाइसेंस को समाप्त किए जाने की तैयारी है। वहीं, बांका जिले में 793 ऐसे लाइसेंस हैं जिन पर कार्रवाई की जा सकती है। यह उन लोगों के लिए चिंता की बात है जिन्होंने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया था।

यूएपीएन (UAPN) के बिना वाले लाइसेंस पर भी होगी कार्रवाई

गृह मंत्रालय ने यह भी बताया है कि जिन आर्म्स लाइसेंस में यूएपीएन (यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर) दर्ज नहीं है, उन पर भी नए सिरे से विचार किया जाएगा। बिना यूएपीएन वाले ऐसे 77 आर्म्स लाइसेंस अभी भी राज्य में सक्रिय हैं, जिनमें से सबसे ज्यादा पटना जिले में हैं। कुल मिलाकर, राज्य के 17 जिलों में बिना यूएपीएन वाले 197 आर्म्स को नजदीकी थाने में जमा करने के लिए कहा गया है।

नवीनीकरण न होने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय का कड़ा रुख

गृह मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उन्हें समाप्त किया जाए। इसके तहत बिहार के सभी 38 जिलों में कुल 55,939 आर्म्स लाइसेंस को एक्सपायर्ड की श्रेणी में डाल दिया गया है। गृह विभाग के संयुक्त सचिव अमलेंदु कुमार सिंह ने सभी डीएम को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के पोर्टल पर आयुध अधिनियम, 1959 और आयुध नियम, 2016 के तहत होगी।

राज्य के अन्य प्रमुख जिलों में स्थिति

पटना जिले में सबसे अधिक 9633 लाइसेंस रद्द होने की सूची में हैं। इसके बाद भोजपुर में 4168 और रोहतास में 4097 लाइसेंस पर कार्रवाई की तैयारी है। मुजफ्फरपुर में भी 2102 लाइसेंस रद्द हो सकते हैं। यह कार्रवाई पूरे बिहार राज्य में की जा रही है जिससे हजारों लोग प्रभावित होंगे।

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