भागलपुर के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। शहर के संग्रहालय यानी म्यूजियम में अब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी यादें सहेजी जाएंगी। कला संस्कृति विभाग ने यहाँ ‘गांधी गैलरी’ बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
म्यूजियम के ऊपरी मंजिल पर बनेगा गैलरी
मिली जानकारी के मुताबिक, भागलपुर संग्रहालय के ऊपरी तल्ले पर इस गैलरी का निर्माण किया जाएगा। यहाँ पर महात्मा गांधी के विचारों और उनके आंदोलनों से जुड़ी ऐतिहासिक चीजों को रखा जाएगा। इसका मकसद यह है कि आम लोग और नई पीढ़ी बापू के जीवन और उनके संघर्षों को करीब से जान सकें।
गांधी जी और भागलपुर का पुराना रिश्ता
इतिहास बताता है कि महात्मा गांधी का भागलपुर से गहरा लगाव था। वे 1917 से 1934 के बीच कुल चार बार भागलपुर आए थे। सबसे खास बात यह है कि 1925 में उन्होंने अपना जन्मदिन भी इसी शहर में मनाया था। इन सभी ऐतिहासिक पलों और यादों को इस नई गैलरी में दर्शाया जाएगा।
27 जनवरी को होगी अहम बैठक
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे संग्रहालय परिसर में एक बैठक बुलाई गई है। जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने बताया कि इस बैठक में शहर के बुद्धिजीवी, इतिहासकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है। यहाँ गैलरी की रूपरेखा तय की जाएगी।
विश्वविद्यालय से ली जाएगी मदद
इस गैलरी को समृद्ध बनाने के लिए तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के गांधी विचारधारा विभाग की भी मदद ली जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह गैलरी सत्य, अहिंसा और स्वदेशी जैसे विचारों को लोगों तक पहुँचाने का काम करेगी।






