भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में इलाज में बड़ी लापरवाही का एक मामला सामने आया है। यहाँ सर्जरी के बाद जब मरीज का टांका काटा गया तो उसकी आंत बाहर निकल गई। इस घटना के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई और उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड में दोबारा भर्ती करना पड़ा। यह घटना बांका जिले के एक मरीज के साथ हुई है, जिसके परिजन अब डॉक्टरों पर सवाल उठा रहे हैं।

कौन है पीड़ित मरीज?

यह घटना बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के कटियामा गांव के रहने वाले मो. आदम के साथ हुई है। मो. आदम के पिता मो. इसराइल ने बताया कि उनके बेटे को पेट में तेज दर्द और शौच न होने की समस्या थी। इसी तकलीफ को लेकर वे करीब 12 दिन पहले मायागंज अस्पताल पहुंचे थे। वहाँ डॉक्टरों ने जाँच के बाद सर्जरी की सलाह दी थी।

इलाज में क्या गड़बड़ी हुई?

अस्पताल के सर्जन डॉ. पंकज कुमार ने मरीज की जांच की थी। उन्होंने परिजनों को बताया था कि मरीज की आंत सूख गई है और ऑपरेशन करना जरूरी है। इसके बाद ऑपरेशन किया गया। 21 जनवरी को जब टांका काटने की बारी आई, तो ड्रेसिंग के दौरान टांका काटते ही मरीज की आंत बाहर आ गई। इससे मरीज को असहनीय दर्द होने लगा और परिजन घबरा गए।

अब क्या है मरीज की स्थिति?

इस घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों ने आनन-फानन में मरीज को दोबारा इमरजेंसी सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन और बाद की देखभाल में लापरवाही बरती गई है, जिससे मरीज की जान जोखिम में पड़ गई है। फिलहाल मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है और उसका इलाज चल रहा है।

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