भागलपुर में जिला परिषद ने अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए शहर और आसपास के इलाकों में खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके तहत जिला परिषद की बेकार पड़ी जमीन पर दुकानें और कमर्शियल मॉल बनाए जाएंगे। इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए आगामी 5 फरवरी को सामान्य बोर्ड की अहम बैठक बुलाई गई है।
कहां-कहां बनेंगी नई दुकानें और मॉल?
जिला परिषद की योजना के अनुसार, कार्यालय के ठीक पीछे वाली खाली जमीन पर एक व्यावसायिक मॉल बनाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही सबौर प्रखंड में भी जिला परिषद की जमीन पर दुकानें और व्यावसायिक भवन का निर्माण किया जाएगा। इसका मुख्य मकसद जिला परिषद के आंतरिक संसाधनों में बढ़ोतरी करना है ताकि विकास कार्यों के लिए फंड की कमी न हो।
10 महीने बाद हो रही बैठक में क्या होगा?
जिला परिषद के सामान्य बोर्ड की यह बैठक पूरे 10 महीने बाद हो रही है। इससे पहले आखिरी बैठक 26 मार्च को हुई थी। उप विकास आयुक्त और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी सदस्यों और अधिकारियों को जानकारी भेज दी है। बैठक में पिछले निर्णयों के पालन की समीक्षा भी की जाएगी और नए विकास कार्यों की रूपरेखा तय होगी।
किराया और जमीन अतिक्रमण पर क्या सख्ती होगी?
इस बैठक में उन दुकानदारों पर कार्रवाई की बात होगी जो लंबे समय से किराया नहीं दे रहे हैं। ऐसे बकायेदारों की दुकानें सील करने पर चर्चा की जाएगी। साथ ही जिला परिषद अपनी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसकी घेराबंदी करवाने का काम भी शुरू करेगा। जमीन की सही पहचान और मापी के लिए दैनिक मजदूरी के आधार पर अमीन की सेवाएं लेने पर भी विचार किया जाएगा।






