भागलपुर में अलग रेल मंडल (Railway Division) बनाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। बिहपुर से महागठबंधन की पूर्व प्रत्याशी रहीं अर्पणा कुमारी ने इस मुद्दे पर गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे से हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भागलपुर की जनता को अब उनसे काफी उम्मीदें हैं क्योंकि वह न सिर्फ गोड्डा के सांसद हैं बल्कि भागलपुर के बेटे भी माने जाते हैं।

अर्पणा कुमारी ने क्या मांग रखी है?

अर्पणा कुमारी ने गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे से आग्रह किया है कि वे भागलपुर में रेल मंडल कार्यालय की स्थापना के लिए पहल करें। उनका कहना है कि यह मांग काफी पुरानी है और क्षेत्र के विकास के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब वह सांसद प्रतिनिधि थीं, तब भी सांसद अजय कुमार मंडल के माध्यम से 2020 से लगातार रेल मंत्रालय से यह मांग उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है।

लालू यादव के समय क्या घोषणा हुई थी?

इस प्रोजेक्ट का इतिहास काफी पुराना है। अर्पणा कुमारी ने याद दिलाया कि जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, उस समय भागलपुर रेलवे स्टेशन को रेल मंडल कार्यालय बनाने की घोषणा की गई थी। उस वक्त कुछ समय के लिए यहां डीआरएम (DRM) की तैनाती भी कर दी गई थी। लेकिन बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के यह प्रक्रिया रोक दी गई और तब से यह ठंडे बस्ते में है।

निशिकांत दुबे से क्यों है उम्मीद?

अर्पणा कुमारी का कहना है कि वर्तमान में यह प्रोजेक्ट लटका हुआ है जो क्षेत्र की जनता के लिए निराशाजनक है। चूंकि निशिकांत दुबे केंद्र सरकार में प्रभावशाली सांसद माने जाते हैं और भागलपुर से उनका गहरा जुड़ाव है, इसलिए स्थानीय लोगों को लगता है कि अगर वह प्रयास करें तो वर्षों से लटकी यह मांग पूरी हो सकती है और भागलपुर को उसका हक मिल सकता है।

Leave a comment