वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपना 9वां बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि देश में पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (Ayurveda AIIMS) खोले जाएंगे। इसके साथ ही निजी क्षेत्र की मदद से 5 बड़े क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।

क्या है सरकार की नई स्वास्थ्य योजना?

सरकार का जोर अब आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म पर है। वित्त मंत्री ने कहा कि ये तीन नए आयुर्वेद संस्थान देश के अलग-अलग हिस्सों में बनेंगे, हालांकि अभी इनके लिए शहरों का नाम तय नहीं हुआ है। इसके अलावा, 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाए जाएंगे। इनका मकसद लोगों को एक ही जगह पर बेहतरीन इलाज की सुविधा देना और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाना है। गुजरात के जामनगर में स्थित WHO ग्लोबल सेंटर को भी अपग्रेड करके और बेहतर बनाया जाएगा।

युवाओं को मिलेगा रोजगार और नई सुविधाएं

स्वास्थ्य के क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए भी सरकार ने कमर कस ली है। बजट में 1.5 लाख केयरगिवर्स (Caregivers) को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, जानवरों के इलाज के लिए भी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। सरकार ने पशु चिकित्सा पेशेवरों की संख्या बढ़ाकर 20,000 करने की बात कही है। उत्तर भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ‘निमहंस 2.0’ बनाने और दवाओं के लिए 10,000 करोड़ रुपये की ‘बायो-फार्मा शक्ति’ पहल भी शुरू की जाएगी।


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