पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले 40 घंटों में 145 आतंकियों को मार गिराया है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार, 1 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस आंकड़े की पुष्टि की। इन हमलों और जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों के 17 जवान और 31 आम नागरिक भी मारे गए हैं। यह पिछले कुछ सालों में सबसे बड़ी झड़पों में से एक है।

ऑपरेशन में अब तक क्या-क्या हुआ?

मुख्यमंत्री बुगती ने बताया कि आतंकियों ने शनिवार, 31 जनवरी की सुबह 3 बजे क्वेटा, मस्तुंग और ग्वादर समेत 12 शहरों में हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने बड़ा ऑपरेशन चलाया। सरकार का कहना है कि मारे गए सभी 145 आतंकियों के शव अधिकारियों के कब्जे में हैं।

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जानकारी दी है कि अभी भी इलाकों की तलाशी ली जा रही है ताकि बचे हुए खतरों को खत्म किया जा सके। इसे ‘मॉपिंग-अप’ ऑपरेशन का नाम दिया गया है। सरकार को पहले ही बड़े हमले की खुफिया रिपोर्ट मिल गई थी, जिसके चलते शुक्रवार से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी।

सुरक्षा और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?

इन हमलों के चलते पूरे प्रांत में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। रिमोट कंट्रोल से होने वाले धमाकों को रोकने के लिए प्रभावित जिलों में मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा पूरे बलूचिस्तान में ट्रेन सेवाओं को भी रोक दिया गया है।

क्वेटा समेत बड़े जिलों के अस्पतालों में इमरजेंसी लगा दी गई है ताकि घायलों का इलाज तुरंत हो सके। ग्वादर में एक दुखद घटना भी सामने आई जहां हमलावरों ने एक ही परिवार के 8 लोगों को मार डाला, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। प्रांतीय सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों पर हमला करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

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