Bhagalpur Railway Station पर करीब तीन साल बाद पार्किंग व्यवस्था फिर से शुरू हुई है। 4 फरवरी 2026 (बुधवार) से पटना की एजेंसी Mahika Enterprises ने पार्किंग का जिम्मा संभाला है। लेकिन पार्किंग शुरू होते ही अवैध वसूली की शिकायतें आने लगी हैं। ठेकेदार के लोग स्टेशन के मेन गेट और पोर्टिको जैसे ‘नो पार्किंग जोन’ में भी गाड़ियों से पैसे मांग रहे हैं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
पार्किंग के लिए तय जगह और रेट क्या हैं?
रेलवे प्रशासन ने एजेंसी को पार्किंग के लिए स्टेशन परिसर में 1,650 स्क्वायर मीटर की जगह दी है। यह कॉन्ट्रैक्ट 3 साल के लिए 73.12 लाख रुपये में दिया गया है। नियम के मुताबिक ठेकेदार को अपनी तय सीमा के अंदर ही गाड़ियों से शुल्क लेना है। यहां गाड़ियों को खड़ा करने के लिए समय के हिसाब से अलग-अलग चार्ज तय किए गए हैं।
| गाड़ी का प्रकार | 0-2 घंटे | 2-6 घंटे | 6-12 घंटे |
|---|---|---|---|
| कार (4-Wheeler) | ₹30 | ₹60 | ₹120 |
| ऑटो (3-Wheeler) | ₹25 | ₹45 | ₹70 |
कहां हो रही है अवैध वसूली और क्या है नियम?
स्टेशन का पोर्टिको, मेन गेट और यात्रियों के आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से ‘No Parking Zone’ है। यहां गाड़ी खड़ी करना मना है, लेकिन यहां से गुजरने या रुकने पर कोई पार्किंग फीस नहीं लगती है। रेलवे के नियमों में ड्रॉप-ऑफ के लिए कुछ मिनट का समय मिलता है। लेकिन, भागलपुर स्टेशन पर ठेकेदार के कर्मचारी बाउंड्री नहीं होने का फायदा उठा रहे हैं।
बुधवार को देखा गया कि जैसे ही कोई गाड़ी यात्री को उतारने के लिए पोर्टिको या नो पार्किंग जोन में रुकती है, कर्मचारी तुरंत रसीद थमा देते हैं और पैसे की मांग करते हैं। इस जबरदस्ती के कारण स्टेशन के गेट पर जाम की स्थिति बन गई है। ई-रिक्शा (Toto) वालों को भी पैदल चलने वाली जगहों पर खड़ा कराया जा रहा है, जिससे आम यात्रियों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।






