बिहार के लोगों के लिए रोजगार और विकास से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अब राज्य में केवल खेती या पारंपरिक काम नहीं होंगे, बल्कि यहाँ देश की सुरक्षा के लिए हथियार और जरूरी उपकरण भी बनाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की है। सरकार ने गया जिले के डोभी में डिफेंस कॉरिडोर बनाने की तैयारी तेज कर दी है, जिससे बिहार के हजारों युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिल सकेगा।
कहाँ बनेगा यह कॉरिडोर और कितना पैसा होगा खर्च?
यह पूरा प्रोजेक्ट गया जिले के डोभी इलाके में तैयार किया जा रहा है, जिसे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) का नाम दिया गया है। सरकार ने इसके लिए शेरघाटी अनुमंडल के डोभी ब्लॉक में करीब 1,670 एकड़ जमीन तय की है। इस विशाल प्रोजेक्ट को तैयार करने में लगभग 1,339 करोड़ रुपये का खर्च आने वाला है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा जमीन अधिग्रहण के लिए रखा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस डिफेंस कॉरिडोर में अलग-अलग कंपनियों द्वारा करीब 16,524 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से लगभग 1 लाख 9 हजार लोगों को सीधे तौर पर नौकरी मिलने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या-क्या सामान बनेगा और कब तक शुरू होगा काम?
इस डिफेंस कॉरिडोर में सेना के लिए जरूरी सामान तैयार किए जाएंगे। इसमें तोप के गोले, हथियारों के कलपुर्जे, एयरोस्पेस उपकरण और तकनीकी रक्षा सिस्टम शामिल हैं। काम को सही समय पर पूरा करने के लिए ‘बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड’ (BIMCGL) नाम की एक खास कंपनी बनाई गई है।
सरकार का प्लान है कि मार्च 2026 तक काम करने वाली एजेंसी का चयन पूरा कर लिया जाए। यहाँ फैक्ट्रियों के लिए सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाएँ ‘प्लग एंड प्ले’ मोड में मिलेंगी, ताकि कंपनियां तुरंत अपना उत्पादन शुरू कर सकें। यह क्षेत्र NH-19 के बिलकुल पास है, जिससे सामान लाने और ले जाने में भी आसानी होगी।
प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें:
- कुल जमीन: 1,670 एकड़ (डोभी, गया)
- कुल लागत: 1,339 करोड़ रुपये
- संभावित निवेश: 16,524 करोड़ रुपये
- रोजगार लक्ष्य: 1.09 लाख नौकरियां
- लोकेशन: NH-19 और NH-22 के पास






