बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। केंद्र सरकार ने बिहार में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए खजाना खोल दिया है। इंडियन रेलवे ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (DDU) से झाझा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 17 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे दिल्ली और हावड़ा रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और यात्रियों का समय बचेगा।
कहां से कहां तक बनेगा नया ट्रैक?
यह नई रेल लाइन 400 किलोमीटर लंबी होगी। इसका निर्माण अलग-अलग हिस्सों में किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने जिन रूटों को मंजूरी दी है, उनमें डीडीयू से दानापुर, दानापुर से फतुहा, फतुहा से बख्तियारपुर और बख्तियारपुर से बाढ़ होते हुए मोकामा और किऊल तक का रास्ता शामिल है। इसके अलावा किऊल से झाझा के बीच भी लाइन बिछाई जाएगी। यह पूरा रूट ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) के दानापुर डिवीजन के अंदर आता है। अभी इस रूट पर दो लाइनें हैं जो 1860-1870 के बीच बनी थीं।
काम कब शुरू होगा और कितना खर्च आएगा?
रेलवे के मुताबिक इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम मार्च 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। पहले चरण में बख्तियारपुर-फतुहा और बख्तियारपुर-पुनारख के बीच काम होगा। अभी रेलवे जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने में लगा है। अलग-अलग हिस्सों के लिए बजट भी तय कर दिया गया है:
- बख्तियारपुर-फतुहा (24 किमी) के लिए जमीन की लागत करीब 931 करोड़ रुपये है।
- पुनारख से किऊल के बीच निर्माण पर लगभग 2,514 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- किऊल से झाझा सेक्शन के लिए 903 करोड़ रुपये का बजट है।
इस रूट पर अभी हर दिन 290 से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं, जिससे ट्रैफिक बहुत ज्यादा रहता है। नई लाइन बनने से ट्रेनों को आउटर पर रुकना नहीं पड़ेगा।






