नगर विकास एवं आवास विभाग ने पुराने पेंडिंग पड़े हिसाब-किताब को लेकर अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। समीक्षा बैठक में सामने आया कि भागलपुर नगर निगम का करीब 192 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) अभी तक जमा नहीं हुआ है। इसमें सबसे गंभीर मामला PHED विभाग का है, जिसे निगम ने सालों पहले लाखों रुपये दिए थे, लेकिन आज तक उसका कोई ब्योरा नहीं मिल पाया है।
PHED पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
नगर निगम ने करीब 10 साल पहले Public Health Engineering Department (PHED) को 88.51 लाख रुपये हैंडपंप लगाने के लिए ट्रांसफर किए थे। इतने साल बीतने के बाद भी PHED ने खर्च का कोई लिखित ब्योरा नहीं दिया है। विभाग ने अब चेतावनी दी है कि अगर जल्द रिकॉर्ड जमा नहीं किए गए, तो PHED पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को सुलझाने के लिए नगर आयुक्त Kislaya Kushwaha ने एक स्पेशल कमिटी बनाई है। डिप्टी नगर आयुक्त Aamir Sohel की अगुवाई में यह टीम 3 दिन के अंदर सारे पेंडिंग मामलों का निपटारा करेगी ताकि आगे कोई परेशानी न हो।
पैसा लेकर घर न बनाने वालों पर गिरेगी गाज
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर में 126 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं, जिन्होंने घर बनाने की किस्त तो ले ली, लेकिन निर्माण कार्य शुरू ही नहीं किया। अब नगर निगम इन सभी लाभार्थियों को नोटिस भेजने की तैयारी में है। प्रशासन ने साफ किया है कि या तो काम शुरू करें या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
कुत्तों के लिए बनेंगे फीडिंग प्वाइंट और नया कॉल सेंटर
शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती तादाद को देखते हुए हर वार्ड में उनके खाने के लिए एक जगह (Feeding Spot) तय करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, आम लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए 1 अप्रैल 2026 से एक नया कॉल सेंटर शुरू किया जाएगा। वहीं, बरारी घाट पर ईशा फाउंडेशन के साथ मिलकर बायोगैस वाला मोक्षधाम बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।






