दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पटवा पोखर के पास एक 8 साल की मासूम बच्ची का शव मिलने के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी विकास कुमार महतो को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन रविवार की सुबह नाराज लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी और मुख्य सड़क को जाम कर दिया।
घटना की रात क्या हुआ और पुलिस की कार्रवाई?
शनिवार की देर रात पटवा पोखर के पास बच्ची का शव काफी बुरी हालत में मिला था। खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी खुद अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डॉग स्क्वायड और स्थानीय मुखबिरों की मदद ली।
कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी विकास कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया, जो पास में ही एक गुमटी चलाता था। पुलिस ने मौके पर एफएसएल (FSL) की टीम को भी बुलाया ताकि जरूरी सबूत जुटाए जा सकें। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच (DMCH) भेजा गया है, जहां मेडिकल बोर्ड की देखरेख में जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी पर बीएनएस (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
सड़क पर क्यों उतरे लोग और अभी क्या है स्थिति?
रविवार की सुबह जब लोगों को इस जघन्य अपराध की पूरी जानकारी मिली, तो उनका सब्र टूट गया। गुस्से में आए स्थानीय लोगों की भीड़ ने आरोपी विकास की गुमटी में आग लगा दी। इसके बाद लोगों ने कादिराबाद-सुंदरपुर सड़क और बेला दुर्गा मंदिर के पास दिल्ली मोड़ जाने वाली सड़क पर टायर जलाकर जाम लगा दिया।
भीड़ इतनी उग्र हो गई थी कि पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। अभी मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। कादिराबाद और यूनिवर्सिटी इलाके में पुलिस लगातार गश्त कर रही है और धीरे-धीरे ट्रैफिक को सामान्य किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।






