भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर पिछले तीन दिनों से भीषण जाम लगा हुआ है। गुरुवार देर रात से शुरू हुआ यह जाम शनिवार को महाजाम में बदल गया, जिससे कुर्सेला से लेकर जगदीशपुर तक लगभग 100 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। पुलिस प्रशासन के मुताबिक रविवार शाम तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, जिसके लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
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आखिर क्यों लगा इतना भयंकर जाम?
इस महाजाम की शुरुआत गुरुवार की रात 2:30 बजे तब हुई जब पुल पर एक के बाद एक तीन ट्रक खराब हो गए। इससे आवाजाही पूरी तरह रुक गई। इसके अलावा इंटरमीडिएट और CTET की परीक्षाएं, शादी का सीजन और हजरत शाहबाज के उर्स की वजह से सड़कों पर गाड़ियों का भारी दबाव था। पुल की क्षमता से ज्यादा वाहन होने और कार चालकों द्वारा जल्दबाजी में ओवरटेक करने से स्थिति बेकाबू हो गई।
आम लोगों को कितनी परेशानी हुई?
जाम का असर इतना भयानक था कि जीरोमाइल से नवगछिया के बीच यात्रियों को लगभग 20 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। जाम में एंबुलेंस और कई परीक्षार्थी भी घंटों फंसे रहे। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसें नहीं चल पाने के कारण विभाग को रोज लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। NH-31 से लेकर शहर के अंदर तक गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं।
प्रशासन ने क्या नियम लागू किए हैं?
जाम को खुलवाने के लिए पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया है। विक्रमशिला ट्रैफिक आउटपोस्ट और जिला पुलिस मिलकर गाड़ियों को निकालने में जुटे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- ओवरलोड वाहनों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
- गलत तरीके से ओवरटेक करने पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द हो सकता है।
- पुल पर लगे सीसीटीवी कैमरों से नियम तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है।






