रविवार सुबह उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 142 में एक निर्माणाधीन साइट पर बड़ा हादसा हो गया, जिसमें काम कर रहे मजदूरों की जान पर बन आई। यहाँ एक 10 मंजिला इमारत की 8वीं मंजिल पर लगा मचान (scaffolding) अचानक टूट कर नीचे गिर गया। इस दर्दनाक हादसे में बिहार के बांका और झारखंड के दुमका के रहने वाले दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मजदूर ने जाली पकड़कर अपनी जान बचा ली।
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कैसे हुआ यह हादसा और क्या थी वजह?
यह घटना 8 फरवरी 2026 को सुबह करीब 11 बजे हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि Shri Mahavir Construction Company की इस साइट पर सुरक्षा नियमों की भारी अनदेखी की जा रही थी। आम तौर पर मचान को जमीन से ऊपर तक बनाया जाता है ताकि उसे मजबूती मिले।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठेकेदार ने पैसे बचाने के चक्कर में मचान को जमीन से उठाने के बजाय सीधे 7वीं और 8वीं मंजिल के बीच में लटका कर लगा दिया था। कमजोर होने के कारण यह मचान मजदूरों का भार नहीं सह पाया और भरभरा कर गिर गया। वहां काम कर रहे मजदूर सीधे नीचे आ गिरे।
मृतकों की पहचान और घायल मजदूर की स्थिति
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान मंटू सिंह (45 वर्ष) निवासी बांका, बिहार और शिबू सिंह (24 वर्ष) निवासी दुमका, झारखंड के रूप में हुई है। ये दोनों रोजी-रोटी कमाने के लिए अपना घर छोड़कर नोएडा आए थे।
तीसरा मजदूर मिथुन (32 वर्ष), जो मृतक मंटू सिंह का भाई है, भी उनके साथ काम कर रहा था। गिरते समय उसका पैर 5वीं मंजिल पर लगे सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाली) में फंस गया, जिससे वह जमीन पर गिरने से बच गया। उसे गंभीर चोटें आई हैं लेकिन उसकी जान सुरक्षित है।
पुलिस और प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की?
घटना की जानकारी मिलते ही DCP Shakti Mohan Awasthy और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए साइट सुपरवाइजर और ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर लापरवाही बरतने का आरोप है।
नोएडा प्राधिकरण और पुलिस ने आदेश देकर साइट पर चल रहे सभी निर्माण कार्य को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है। श्रम विभाग और प्रशासन की एक टीम मामले की जांच कर रही है ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके और मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा मिल सके।






