भागलपुर-दुमका रेल सेक्शन पर ट्रेनों की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। मालदा डिवीजन के आदेश पर शनिवार और रविवार को विशेष अभियान चलाकर सात अवैध रेलवे क्रॉसिंग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इंजीनियरिंग विभाग ने जेसीबी मशीन लगाकर इन रास्तों पर गहरे गड्ढे कर दिए हैं और फेंसिंग लगा दी है ताकि अब कोई भी गाड़ी या मवेशी पटरी पर न आ सके। यह फैसला हाल ही में वंदे भारत और अन्य ट्रेनों के सामने मवेशियों के आने की घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया है।
किन जगहों पर हुई कार्रवाई?
रेलवे की टीम ने टिकानी से धौनी के बीच दो, धौनी से बाराहाट के बीच चार और बाराहाट से मंदारहिल के बीच दो अवैध रास्तों को बंद किया है। गांव वाले अंडरपास बनने के बाद भी शॉर्टकट के चक्कर में इन पुराने रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। कई बार यहां से चार पहिया वाहन भी पटरियों को पार करते देखे गए थे जो बहुत खतरनाक था।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) भागलपुर और इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने मुधरा हॉल्ट और शंकरपुर के पास भी कार्रवाई की है। इस दौरान धौनी-बाराहाट लाइन के पास पटरियों के किनारे बनी 6 अवैध झोपड़ियों को भी हटा दिया गया है क्योंकि इनसे भी ट्रेन परिचालन में खतरा बना रहता था।
नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा?
रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि अब अगर कोई इन बंद रास्तों को दोबारा खोलने की कोशिश करता है या अवैध रूप से पटरी पार करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत ऐसा करने वाले को छह महीने तक की जेल हो सकती है या 1000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
लोगों की सुविधा का ध्यान रखते हुए मालदा डिवीजन ने इस सेक्शन पर दो नए लो हाइट सबवे (LHS) बनाने के टेंडर भी पास कर दिए हैं। इससे गांव वालों को आने-जाने के लिए सुरक्षित रास्ता मिल जाएगा और उन्हें जान जोखिम में डालकर पटरी पार नहीं करनी पड़ेगी।
रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी
इस रूट पर सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने के लिए रेलवे लगातार काम कर रहा है। भागलपुर-दुमका-रामपुरहाट दोहरीकरण परियोजना के लिए 3,169 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके अलावा जगदीशपुर में 250 करोड़ की लागत से नया स्टेशन बनाने की भी योजना है। ये सभी कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में ट्रेनें अपनी पूरी रफ़्तार से बिना किसी रुकावट के दौड़ सकें।






