भागलपुर में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी और एसएसपी की अगुवाई में चले एक गुप्त ऑपरेशन में पुलिस की रेकी करने वाला ‘पासर’ नेटवर्क पूरी तरह फेल हो गया। इस दौरान अधिकारियों ने अलग-अलग जगहों से 17 ओवरलोडेड ट्रकों को जब्त किया है। इन ट्रकों के मालिकों पर खनन विभाग ने कुल 1.36 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।
किन इलाकों में पकड़े गए ट्रक?
प्रशासन की टीम ने एक साथ कई इलाकों में छापेमारी की जिससे ट्रक चालकों को भागने का मौका नहीं मिला। पकड़े गए सभी वाहन गिट्टी और राख लेकर जा रहे थे और इनके पास वैध चालान नहीं थे। जीरोमाइल से सबसे ज्यादा 8 ट्रक पकड़े गए हैं। जुर्माने की राशि इतनी बड़ी है कि मालिकों के लिए ट्रक छुड़ाना मुश्किल हो रहा है। एक ट्रक पर तो परिवहन विभाग ने अलग से 9 लाख रुपये का जुर्माना ठोका है।
आप नीचे दी गई लिस्ट में देख सकते हैं कि किस जगह से कितनी गाड़ियां पकड़ी गई हैं:
| स्थान | जब्त ट्रक |
|---|---|
| जीरोमाइल | 8 |
| कहलगांव | 4 |
| सबौर | 2 |
| शिवनारायणपुर | 2 |
| सजौर | 1 |
अब तक कितनी वसूली कर चुका है प्रशासन?
जिला खनन पदाधिकारी के मुताबिक, जिले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए प्रशासन अब ‘जुगाड़’ गाड़ियों को भी नहीं बख्श रहा है, जिसका इस्तेमाल रेत माफिया करते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो हाल के दिनों में 1,536 छापेमारी की गई है। इसमें 59 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है और 196 गाड़ियां जब्त की गई हैं।
सरकार को जुर्माने के तौर पर अब तक 13.43 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इस सख्ती के चलते भागलपुर अब इस तरह की कार्रवाई करने वाले राज्य के टॉप 5 जिलों में शामिल हो गया है। जगदीशपुर और कजरैली जैसे इलाकों में भी पुलिस की नजर बनी हुई है।






