भागलपुर में करीब 12,000 दुकानदारों, होटल मालिकों और अस्पताल संचालकों की परेशानी अचानक बढ़ गई है। नगर निगम ने कचरा उठाव और पानी के नाम पर ‘यूजर चार्ज’ वसूलना शुरू कर दिया है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि निगम ने पिछले तीन साल का बकाया पैसा एक साथ जोड़कर बिल भेजा है, जिससे कई लोगों के पास लाखों रुपये का नोटिस पहुँचा है। लोग इस बात से नाराज हैं कि बिना सुविधा दिए ही उनसे पैसे माँगे जा रहे हैं।
किनसे कितने पैसे वसूले जा रहे हैं?
नगर निगम की एजेंसी Logicoof द्वारा भेजे गए नोटिस में अलग-अलग दरें तय की गई हैं। यह वसूली ‘बिहार पेयजल उपयोग शुल्क नीति-2021’ के तहत की जा रही है। बिल में 2022-23 से अब तक का एरियर भी जोड़ दिया गया है। एक होटल मालिक को साढ़े 3 लाख रुपये का बिल मिला है, तो एक अन्य व्यवसायी को करीब 1.81 लाख रुपये जमा करने का नोटिस आया है।
- स्टार होटल: 5,000 रुपये प्रति महीना
- रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस: 500 रुपये प्रति महीना
- साधारण दुकानें (Commercial): 150 रुपये प्रति महीना
- मिठाई दुकान और ढाबा: 100 रुपये प्रति महीना
- रिहायशी मकान: 30 से 120 रुपये प्रति महीना
सुविधा नहीं मिलने पर भी पैसे माँगने का विरोध
शहर के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि न तो उनके यहाँ कचरा उठाने वाली गाड़ियाँ आती हैं और न ही उनके पास निगम का पानी कनेक्शन है। शहर के करीब 40% हिस्से में लोग अब भी अपनी बोरिंग का पानी पीते हैं, फिर भी उन्हें पानी का बिल भेजा गया है। होटलों का कहना है कि वे अपना कचरा खुद फिंकवाते हैं क्योंकि निगम की गाड़ियाँ नहीं आतीं।
व्यापार मंडल और अन्य संगठनों का कहना है कि होल्डिंग टैक्स में पहले से ही सफाई और शिक्षा से जुड़ा पैसा शामिल होता है, ऐसे में यह अतिरिक्त चार्ज गलत है। शहर के करीब 2000 प्रतिष्ठानों को नोटिस मिल चुका है और पैसे न देने पर पानी कनेक्शन काटने और ब्याज लगाने की बात कही गई है। व्यापारी अब इसके खिलाफ हड़ताल और कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।






