बिहार में इस बार मौसम ने 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। फरवरी महीने में ही लोगों को मई जैसी गर्मी का एहसास होने लगा है। पटना में न्यूनतम तापमान 13.6°C दर्ज किया गया है, जो 2011 के बाद फरवरी की सबसे गर्म रात मानी गई है। वहीं, कैमूर में पारा 30°C के पार पहुंच गया।
मौसम विभाग ने क्या बताया है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पटना के अनुसार, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और बारिश की कमी की वजह से इस बार बिहार में समय से पहले गर्मी आ गई है। जलवायु परिवर्तन भी इस बदले हुए मौसम का एक बड़ा कारण है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख आशीष कुमार ने बताया कि वायुमंडलीय बदलावों के कारण ऐसा हो रहा है। अगले सप्ताह तक राज्य में मौसम शुष्क और धूपदार रहने की उम्मीद है।
तापमान में कितना बदलाव देखा गया?
राज्य के कई जिलों में तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है:
- पटना में 11 फरवरी, 2026 को न्यूनतम तापमान 13.6°C दर्ज हुआ, जो 2011 के बाद फरवरी की सबसे गर्म रात है।
- कैमूर जिले में राज्य का सबसे अधिक तापमान 30°C के पार चला गया।
- राजगीर (नालंदा) में सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.5°C रहा।
- पटना में दिन और रात के तापमान में 12°C से अधिक का अंतर है, जो सेहत और खेती दोनों के लिए अच्छा नहीं है।
आगे क्या होगा और खेती पर असर?
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 7 दिनों तक मौसम सूखा और धूप वाला रहेगा। न्यूनतम तापमान 16°C से 18°C के बीच रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 24°C से 28°C तक जा सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया है कि इस बढ़ती गर्मी से रबी की फसलों (जैसे गेहूं, चना, मसूर) को नुकसान हो सकता है क्योंकि मिट्टी की नमी कम हो जाएगी।






