भागलपुर में हर साल बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव से अब आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम ने शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। नए नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने जनवरी 2026 में पदभार संभालते ही इस समस्या को प्राथमिकता दी है। अब शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई और निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है ताकि बरसात में लोगों को परेशानी न हो।
कमिश्नर ने दिया सर्वे और सफाई का सख्त आदेश
नगर आयुक्त ने शहर के सभी 722 नालों का भौतिक सत्यापन और सफाई कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि काम में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर के मुख्य पारंपरिक नालों, जिन्हें ‘हथिया नाला’ कहा जाता है, उन्हें अब पक्का किया जाएगा। अधिकारियों को हर दिन दो वार्डों का निरीक्षण करने और टूटे या कच्चे नालों की रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
इन इलाकों में नाला निर्माण पर खर्च होंगे करोड़ों
शहर के कई इलाकों में नाला और सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। कुछ जगह काम को समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों को 3 से 4 महीने का समय दिया गया है। कहाँ कितना खर्च होगा, इसे नीचे दी गई तालिका में देख सकते हैं:
| प्रोजेक्ट का नाम | लागत (लगभग) |
|---|---|
| मोजाहिदपुर से जरलाही रोड (नाला व सड़क) | ₹2.29 करोड़ |
| वार्ड 32 में निर्माण कार्य | ₹30 लाख से अधिक |
| वार्ड 10 में निर्माण कार्य | ₹33 लाख |
विधायक ने उठाई स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज की मांग
सदर विधायक रोहित पांडेय ने भी इस मुद्दे को राज्य स्तर पर उठाया है। 12 फरवरी 2026 को उन्होंने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात कर शहर के लिए आधुनिक ‘स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम’ की मांग की। विधायक का कहना है कि भागलपुर की भौगोलिक स्थिति तश्तरी (saucer) जैसी है, जिससे यहाँ पानी जल्दी जमा हो जाता है। उन्होंने ‘सात निश्चय-3’ के तहत इस योजना को शामिल करने का अनुरोध किया है ताकि शहर को डूबने से बचाया जा सके।






