भागलपुर नगर निगम ने शहर को व्यवस्थित करने और राजस्व बढ़ाने के लिए अब सख्त रुख अपना लिया है। Municipal Commissioner Kislay Kushwaha के नेतृत्व में अब टैक्स चोरी, अवैध निर्माण और सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों पर सीधी कार्रवाई की जा रही है। शहर के करीब 83,000 होल्डिंग्स को ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे अब घर बैठे ही सारी जानकारी मिल सकेगी।
अवैध निर्माण और टैक्स पर निगम का क्या है प्लान?
निगम ने शहर में 700 ऐसे अवैध निर्माणों की पहचान की है, जिनकी फाइलें दोबारा खोली गई हैं। अगर इन मकान मालिकों ने नक्शा पास नहीं कराया, तो इन पर बुलडोजर भी चल सकता है। Satellite Mapping के जरिए 22,000 इमारतों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि यह पता चले कि लोगों ने कागज पर जितना बताया है, असल में घर उससे कितना बड़ा है। टैक्स नहीं भरने वालों को अब SMS और चिट्ठी भेजकर चेतावनी दी जा रही है।
पार्किंग और लोडिंग-अनलोडिंग के नए नियम क्या हैं?
शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक नियमों को कड़ा कर दिया गया है। निगम और जिला प्रशासन मिलकर अब नो-पार्किंग जोन पर नजर रख रहे हैं।
- सड़क पर या दुकान के आगे गाड़ी खड़ी करने पर अब ₹500 से ₹5,000 तक का जुर्माना देना होगा।
- भारी वाहनों से माल उतारने और चढ़ाने का काम अब दिन में नहीं होगा, इसके लिए रात 10:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक का समय तय किया गया है।
- Manik Sarkar Ghat और NH-80 के आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है।
शहर की सफाई और सुविधाओं के लिए क्या बदलाव होंगे?
गंदगी फैलाने वालों पर भी निगम की नजर टेढ़ी है। सड़क पर कचरा फेंकने वाले 5,000 लोगों और 700 मैरिज हॉल जैसे संस्थानों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। बड़े स्कूल, हॉस्पिटल और होटल, जहां 300 से ज्यादा लोग आते हैं, उन्हें अब सफाई और पानी के लिए अलग से चार्ज देना होगा। इसके अलावा, मार्च महीने में सफाई और स्ट्रीट लाइट के लिए नए टेंडर जारी किए जाएंगे, जिससे शहर की व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी।






