भागलपुर और पटना समेत पूरे बिहार में इस बार मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ नजर आ रहा है। फरवरी का महीना, जिसे आमतौर पर सुहाने ‘बसंत’ के लिए जाना जाता है, उसमें ही लोगों को दोपहर में पंखे और कूलर की याद आने लगी है। मौसम विभाग ने भी साफ कर दिया है कि इस साल गर्मी अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ने के मूड में है और लोगों को समय से पहले भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
कब से शुरू होगी ‘AC वाली गर्मी’?
मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 13 फरवरी 2026 तक ही बिहार के कई जिलों जैसे कैमूर और कटिहार में तापमान 30°C से 32°C के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी के आखिरी हफ्ते तक तापमान 33 से 35 डिग्री तक जा सकता है। इसका मतलब है कि होली से पहले ही लोगों को अपने घरों में एयर कंडीशनर (AC) और कूलर चालू करने पड़ सकते हैं।
प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ के दोबारा सक्रिय होने की संभावना के कारण गर्मी इस बार ज्यादा सताएगी। पिछले साल यानी 2025 में फरवरी का महीना 1901 के बाद सबसे गर्म दर्ज किया गया था, और इस साल यानी 2026 में भी हालात कुछ वैसे ही रहने का अनुमान है।
किन जिलों में ज्यादा खतरा और क्या है तैयारी?
बिहार मौसम सेवा केंद्र ने दक्षिण बिहार के जिलों को विशेष रूप से ‘हॉट ज़ोन’ में रखा है। इसमें पटना, गया, भागलपुर और मुंगेर शामिल हैं, जहां मार्च के पहले हफ्ते से ही लू (Heatwave) चलने के आसार हैं। अप्रैल और मई में तो भीषण गर्मी का रेड अलर्ट जारी रहने की आशंका जताई गई है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने गर्मी को देखते हुए अभी से ‘हीट एक्शन प्लान’ पर काम शुरू कर दिया है। प्रशासन ने आम लोगों के लिए कुछ जरूरी सलाह भी जारी की है:
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना काम के बाहर निकलने से बचें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें, ओआरएस और नींबू पानी का इस्तेमाल करें।
- गर्मी बढ़ने पर मार्च के मध्य से स्कूलों के समय में भी बदलाव किया जा सकता है।
फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के कारण 16 फरवरी के आसपास थोड़े बादल छा सकते हैं, लेकिन इससे गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।






