बिहार के लोगों के लिए सड़क परिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी खबर सामने आई है। पटना के जेपी गंगा पथ जिसे लोग मरीन ड्राइव के नाम से भी जानते हैं, अब उसका विस्तार भागलपुर तक होने जा रहा है। बिहार सरकार ने कोइलवर से भागलपुर तक इस एक्सप्रेसवे को बनाने का फैसला लिया है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विधान परिषद में इसकी घोषणा की है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 16,465 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रोजेक्ट का रूट और लंबाई
इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी के किनारे-किनारे 118 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क पटना के दोनों तरफ बढ़ेगी। पश्चिम में यह कोइलवर (भोजपुर) तक जाएगी और पूर्व में इसका विस्तार भागलपुर के सबौर तक होगा। सरकार का मकसद इसे एक ‘सुपर हाईवे’ की तरह विकसित करना है ताकि गाड़ियों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के हो सके।
- कुल लागत: 16,465 करोड़ रुपये
- विस्तार की लंबाई: 118 किलोमीटर
- पश्चिमी हिस्सा: कोइलवर (भोजपुर) – 35.65 किमी
- पूर्वी हिस्सा: सबौर (भागलपुर) – 40.80 किमी
कब शुरू होगा काम और क्या है डेडलाइन
मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के अनुसार, शेरपुर से कोइलवर वाले हिस्से पर काम अप्रैल 2026 में शुरू कर दिया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट को अगले चार सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह बिहार का पहला ऐसा रोड प्रोजेक्ट है जो हाइब्रिड एनुइटी मॉडल (HAM) पर बनेगा, यानी इसमें सरकार के साथ-साथ निजी कंपनियों का भी पैसा लगेगा। सड़क बनने के बाद अगले 15 सालों तक इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी निर्माण करने वाली एजेंसी की ही होगी।
हाईटेक तकनीक और सेफ्टी फीचर्स
इस हाईवे को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। सड़क और पुलों की निगरानी के लिए पहली बार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा आईआईटी पटना को 250 मीटर से बड़े पुलों की सुरक्षा ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। इस हाईवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। इसके बनने से मुंगेर, सुल्तानगंज और भागलपुर के लोगों को पटना और वहां से आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली या यूपी जाने में काफी कम समय लगेगा।






