बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने आरा और बलिया के बीच गंगा नदी पर बनने वाले पुल को फोरलेन बनाने की मंजूरी दे दी है। पहले यह पुल दो लेन का बनने वाला था, लेकिन अब बढ़ती जरूरतों को देखते हुए इसे चार लेन का बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 1,200 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बनने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा और घंटों का सफर मिनटों में बदल जाएगा।
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कहाँ से कहाँ तक बनेगा यह पुल?
यह नया फोरलेन पुल आरा के महुली घाट से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित करन छपरा तक जाएगा। यह प्रोजेक्ट सीधे तौर पर NH-31 (उत्तर प्रदेश) और NH-922 (बिहार) को आपस में जोड़ेगा। महुली घाट पर यह पटना-बक्सर फोरलेन हाइवे से मिलेगा। रास्ते में खवासपुर, धतुरी टोला, लक्ष्मण छपरा और शोभा छपरा जैसे इलाके आएंगे। अभी यहाँ पीपा पुल से काम चलता है जो बरसात में हटा दिया जाता है, लेकिन नया पुल कंक्रीट का होगा और साल भर चालू रहेगा।
कब शुरू होगा काम और क्या है योजना?
एक्सपर्ट कमिटी ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है और केंद्रीय मंत्रालय से भी मंजूरी मिल गई है। जून 2026 में इसका टेंडर जारी किया जाएगा और इसी साल निर्माण कार्य शुरू होने की पूरी उम्मीद है। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे प्राथमिकता दी है। इस पुल के बन जाने से आरा और बलिया के बीच की दूरी सिमट जाएगी और सफर महज 1 घंटे का रह जाएगा। साथ ही दियारा इलाके में विकास कार्यों के रास्ते भी खुलेंगे।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें:
| कुल बजट | 1,200 करोड़ रुपये |
| लेन की संख्या | 4 लेन |
| टेंडर की तारीख | जून 2026 |
| कनेक्टिविटी | आरा (बिहार) – बलिया (यूपी) |
| फायदा | 1 घंटे में पूरा होगा सफर |






