बिहार में गंगा नदी पर बन रहे बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन पुल के लिए लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। अधिकारियों ने हाल ही में प्रोजेक्ट का जायजा लिया और बताया कि अब यह पुल जून 2027 तक बनकर तैयार होगा। पहले इसे 2026 में ही पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन काम की रफ्तार और जरूरतों को देखते हुए नई डेडलाइन तय की गई है। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 4000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं जो उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
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पुल का काम कितना हुआ पूरा और क्या है स्थिति?
बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDCL) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक प्रोजेक्ट का करीब 65 से 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गंगा नदी पर बनने वाले कुल 46 पिलर में से 45 पिलर बनकर तैयार हैं, अब सिर्फ एक पिलर (नंबर 23) का काम बाकी है। चकललशाही से ताजपुर तक करीब 16.2 किलोमीटर एप्रोच रोड भी बन चुकी है।
विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने निर्देश दिया है कि जून 2027 तक हर हाल में गाड़ियां इस पर दौड़ने लगें। इसके लिए जमीन अधिग्रहण और रेलवे ओवरब्रिज (ROB) से जुड़ी बाधाओं को भी तेजी से दूर किया जा रहा है ताकि अंतिम चरण में कोई रुकावट न आए।
किन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा?
यह पुल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच एक नई लाइफलाइन बनेगा। यह बख्तियारपुर में NH-31 और ताजपुर में NH-28 को सीधा जोड़ेगा। इसके बनने से गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी और सफर के घंटे कम हो जाएंगे। यह पुल न सिर्फ बिहार के जिलों को जोड़ेगा बल्कि पड़ोसी राज्यों के लिए भी रास्ता आसान करेगा।
| क्षेत्र | जुड़ने वाले प्रमुख जिले |
|---|---|
| उत्तर बिहार | समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया |
| दक्षिण बिहार | पटना, गया, औरंगाबाद, नालंदा, भोजपुर, रोहतास |
अधिकारियों का मानना है कि इस पुल के चालू होने से झारखंड और पश्चिम बंगाल जाने वाले मालवाहक ट्रकों को भी आसानी होगी, जिससे खेती और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
लागत और टोल टैक्स के क्या हैं नियम?
इस पुल को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर बनाया जा रहा है। बढ़ती महंगाई और प्रोजेक्ट के विस्तार के कारण इसकी प्रशासनिक मंजूरी अब 3,923 करोड़ रुपये की हो गई है। नियम के मुताबिक, पुल शुरू होने के बाद यहां से गुजरने वाली गाड़ियों को टोल टैक्स देना होगा, ताकि निजी निवेश की वसूली की जा सके।
प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 51.26 किलोमीटर है, जिसमें 5.5 किलोमीटर मुख्य पुल है और बाकी लगभग 45 किलोमीटर एप्रोच रोड है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस प्रोजेक्ट को फंड कर रही हैं ताकि आम आदमी को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।






