भागलपुर शहर की हवा अब सेहत के लिए काफी खतरनाक हो गई है। पिछले 24 घंटों में शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 से 217 के बीच दर्ज किया गया है। 10 मार्च 2026 को भागलपुर दुनिया के 21वें सबसे प्रदूषित शहर के रूप में दर्ज हुआ है। प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण निर्माण कार्यों में बरती जा रही भारी लापरवाही और धूल का सही प्रबंधन न होना है।
निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी और धूल का कहर
शहर के तिलकामंझी, आदमपुर और खंजरपुर जैसे प्रमुख इलाकों में बहुमंजिला इमारतों का निर्माण बिना सुरक्षा नियमों के किया जा रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों के अनुसार हर निर्माण स्थल पर हरे रंग का नेट लगाना और पानी का छिड़काव करना अनिवार्य है, लेकिन शहर में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सड़कों के किनारे बालू और मिट्टी बिना ढके छोड़ी जा रही है और परिवहन के दौरान भी ट्रकों को ढका नहीं जा रहा है। नगर निगम पर भी निगरानी न रखने और सड़कों की नियमित सफाई न करने के आरोप लग रहे हैं।
शहर के विभिन्न इलाकों में प्रदूषण का ताजा हाल
| इलाका | AQI स्तर | श्रेणी |
|---|---|---|
| Barari | 238-239 | गंभीर |
| Goshala | 230 | गंभीर |
| Gosaingaon | 195 | अस्वस्थ |
| Kuppaghat | 195 | अस्वस्थ |
| Tulsinagar Colony | 191-195 | अस्वस्थ |
| Bhikhanpur | 186-189 | अस्वस्थ |
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) ने धूल कम करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाली निर्माण एजेंसियों पर विशेष दस्तों के माध्यम से जुर्माना लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय N95 मास्क का उपयोग करें और घर की खिड़कियां बंद रखें, क्योंकि यह प्रदूषित हवा सांस के मरीजों के लिए बेहद घातक है।






